बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने 435 किलो स्मैक के साथ दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर गांव स्थित अपने घर से कथित तौर पर नशीले पदार्थ को छिपाने और बेचने का काम करते थे. बरामद स्मैक को 2 हजार 15 पैकेट में रखा गया था.
मुजफ्फरपुर ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि पुलिस को नशीले पदार्थ के बारे में गुप्त सूचना मिली थी. इसके आधार पर गुरुवार को संबंधित घर पर छापेमारी की गई. तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में स्मैक बरामद हुई. पुलिस ने मौके से 2.10 लाख रुपये नकद भी जब्त किए.
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पूछताछ के दौरान दोनों भाइयों ने कथित तौर पर अपने घर से स्मैक रखने और बेचने की बात स्वीकार की है. इस मामले में गायघाट थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.
परिवार का नशे के कारोबार से पुराना कनेक्शन
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के परिवार का नशीले पदार्थों की तस्करी से कथित तौर पर पुराना संबंध रहा है. जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक की मां और पत्नी पहले भी एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी जा चुकी हैं.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं.
मुजफ्फरपुर ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के मुताबिक, पुलिस बरामद नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाने के साथ ही पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों की पहचान कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
435 किलो स्मैक ने खड़े किए कई सवाल
एक ही ठिकाने से 2 हजार 15 पैकेट में रखी 435 किलो स्मैक की बरामदगी के बाद पुलिस का फोकस अब इसके सप्लाई नेटवर्क पर है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी खेप किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
पुलिस गिरफ्तार दोनों भाइयों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. साथ ही उनके परिवार के पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल, दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे जा रहे हैं. पुलिस ने साफ किया है कि मामले की जांच जारी है और बरामद स्मैक के स्रोत तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है.
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