बिहार के जमुई जिले में एक लड़के और लड़की के साथ छेड़छाड़ के मुख्य आरोपी का मंगलवार को पुलिस ने हाफ एनकाउंटर किया. इस मामले में दो लोग पकड़े गए हैं. एक की पहचान नंदन यादव और दूसरे की पहचान हरेराम यादव के रूप में हुई है.
इससे पहले जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पुलिस द्वारा पहचाने गए सात आरोपियों में से तीन की गिरफ़्तारी की पुष्टि की थी.
आजतक की टीम वहां पहुंची जहां बिहार पुलिस ने नंदन यादव और हरेराम यादव को हाफ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया.
कांस के घास में छिप रहे थे आरोपी
किऊल नदी के दोनों किनारों पर आजकल कांस के लंबे लंबे पौधे उगे हैं. ये पूरा इलाका लखीसराय जिले के कुंदर गांव के पास का है. अगर कांस के इन लंबे लंबे घास में कोई छिप जाए तो उसे खोज पाना बहुत मुश्किल है.
आजतक की टीम किऊल नदी के घाट पर पहुंची. इसी नदी के घाट से दोनों बालू उठाते थे और ट्रैक्टर में भरकर बेचते थे. दोनों ही आरोपी ट्रैक्टर चालक हैं.
जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों का एनकाउंटर किया वहां नदी बहती है, बालू काफी मात्रा में यहां है. यहीं से दोनों बालू उठाते थे.
एनकाउंटर के बारे में कुंदर गांव के प्रत्यक्षदर्शी राजकिशोर राम ने बताया कि दोनों ही आरोपी प्रतापपुर के रहने वाले हैं. वीडियो वायरल होने के बाद दोनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए किऊल नदी क्षेत्र में उगे घने कांस के घास में छिपने की कोशिश कर रहे थे.
राजकिशोर राम ने घटना के बारे में बताया, "जमुई जिला से आरोपियों को ढूंढ़ते हुए पुलिस इस तरफ आई और फिर लखीसराय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. भीड़ बढ़ता देख आरोपियों ने कांस के पौधों में छिपने की कोशिश की. बराज से पुलिस लखीसराय जिले की सीमा में आई. और आरोपियों को घेर लिया."
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक आरोपियों ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की और दोनों को पकड़ लिया. दोनों आरोपी प्रतापपुर के हैं. इन लोगों ने पुलिस पर गोली चलाई तो पुलिस की जवाही कार्रवाई में ये दोनों घायल हो गए. हमलोग चिमनी के पास थे, हमने फायरिंग की आवाज सुनी. ये मंगलवार 12 बजे के आस पास की घटना है. ये लोग बालू बेचने का धंधा करते थे.
राजकिशोर राम ने कहा कि पीड़ित बच्चों के साथ बिल्कुल गलत हुआ है. इस घटना के बाद स्थानीय लोग काफी आक्रोशित थे और एनकाउंटर की मांग कर रहे थे.
सोमवार को बिहार में एक वायरल वीडियो को लेकर काफ़ी हंगामा हुआ. इस वीडियो में जमुई ज़िले में सड़क किनारे लोगों के एक समूह द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करते हुए दिखाया गया था.
इस घटना के बारे में जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि आरोपियों ने घेराबंदी के दौरान फायरिंग की. जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में गोली चलाई जिसमें एक आरोपी घायल हुआ.
पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि दोनों मुख्य आरोपी गांव के पास नदी के किनारे छिपे हैं. इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया. पुलिस अधिकारी के मुताबिक मामले के दो मुख्य आरोपियों को आज गिरफ्तार किया गया है. वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है.
जमुई की घटना क्या थी?
मुंगेर रेंज के पुलिस DIG राकेश कुमार ने बताया कि आरोपियों में से एक नंदन यादव के पैर में गोली लगी है. उन्होंने कहा कि उसका साथी हरेराम यादव पुलिस से भागने की कोशिश में उसका घुटना फ्रैक्चर हो गया. पुलिस सोमवार से ही आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी.
DIG कहा, "नंदन और हरेराम दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले, हमने तीन नाबालिगों को पकड़ा था, जिनके मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड देखेगा." वे सोमवार को घटना के सामने आने के बाद से ही जमुई में डेरा डाले हुए हैं.
उन्होंने कहा, "ठीक होने के बाद हरेराम और नंदन से पूछताछ के बाद हम कुछ और लोगों को पकड़ सकते हैं. वीडियो क्लिप से यह साफ़ नहीं था कि घटना में असल में कितने लोग शामिल थे. हालाकि, हम पक्के तौर पर कह सकते हैं कि मुख्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं. असल में, क्लिप में हरेराम ही स्कार्फ से चेहरा ढके हुए ग्रुप की अगुवाई करते हुए दिखा था."
बता दें कि एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले लड़की और लड़के को ग्रुप ने सड़क पर रोका और कथित तौर पर लड़की के साथ छेड़खानी की. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप में लड़की के साथ छेड़छाड़ होती हुई दिखाई दे रहा है.
हालांकि पीड़ितों ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी लेकिन घटना तब सामने आई जब कथित आरोपियों में से किसी एक द्वारा शूट किए गए क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
शशि भूषण कुमार