बिहार में बाढ़ के बीच बड़ा एक्शन... लापरवाही पर जल संसाधन विभाग ने 7 इंजीनियरों को किया सस्पेंड, चीफ इंजीनियर पर विभागीय कार्रवाई

बिहार में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है. सारण के रेवाघाट में पानी रिकॉर्ड स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आकर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे है. वैशाली के लालगंज में 130 सेंटीमीटर गिरावट के बाद भी पानी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है, जो 24 घंटे में नीचे आने की उम्मीद है. तटबंधों पर दबाव नहीं है. बाढ़ में लापरवाही के आरोप में सात इंजीनियर निलंबित हुए और मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई.

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बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही पर 7 इंजीनियर सस्पेंड (Photo: PTI) बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही पर 7 इंजीनियर सस्पेंड (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:40 AM IST

बिहार में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है. इसी बीच सरकार ने बाढ़ में लापरवाही के आरोप में सात इंजीनियरों को निलंबित किया और एक अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू की. जल संसाधन विभाग ने बयान जारी किया.

गंडक नदी नेपाल और उत्तर प्रदेश की भारी बारिश के बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी. नेपाल के देवघाट और बिहार के बगहा, दुमरियाघाट, रेवाघाट व लालगंज में जलस्तर अब तक सबसे ऊंचा रहा.

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सारण के रेवाघाट में गंडक का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से 177 सेंटीमीटर घटकर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे आ गया है. वैशाली के लालगंज में पानी 130 सेंटीमीटर घटा है, पर अब भी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है. अगले 24 घंटे में यहां भी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे जाने की उम्मीद है.

तटबंधों पर अभी कोई दबाव नहीं है और रिसाव व पाइपिंग की समस्याएं दूर हो चुकी हैं. जहां तटबंध टूटे, वहां कमजोर हिस्सों को बचाने के लिए सामान जमा है.

जांच में कुछ इंजीनियरों की ढिलाई और देरी सामने आई. जरूरत के मुताबिक मजदूर और सामान नहीं लगाए गए और स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों से तालमेल कमजोर रहा.

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निलंबित अफसरों में दो कार्यकारी अभियंता हैं. इनमें सारण के कार्यकारी अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, गोपालगंज के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद साजिद इकबाल, सारण के सहायक अभियंता सुनील कुमार और विनोद कुमार, गोपालगंज के सहायक अभियंता मोहम्मद जावेद अंसारी, सारण के कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार और गोपालगंज के कनीय अभियंता विकास कुमार हैं.

मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता पर चंपारण तटबंध को नुकसान के बाद कथित लापरवाही का आरोप है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. विभाग ने साफ किया कि आपदा में ढिलाई पर सख्त कार्रवाई होगी.

बाढ़ से बिहार के छह जिलों के 30 प्रखंडों की 169 ग्राम पंचायतों में करीब 9.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. ये जिले पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर हैं. सितंबर के आखिरी हफ्ते में नेपाल और आसपास हुई भारी बारिश इसकी वजह बनी. राहत में 1,17,847 पॉलीथिन शीट और 1,19,131 सूखे राशन के पैकेट बांटे गए हैं. निकासी और आवाजाही के लिए 324 नावें चल रही हैं और 196 सामुदायिक रसोइयों में भोजन दिया गया. एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 28 टीमें भी तैनात हैं.

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