बिहार में अब क्या होगा सरकार का फॉर्मूला, कौन होगा CM और कौन डिप्टी CM?

बिहार से दिल्ली की सफर पर निकल चुके नीतीश कुमार की जगह अब नया मुख्यमंत्री का चुनाव करना है. बीजेपी से सीएम की रेस में कई चेहरे शामिल है, लेकिन सवाल यही है कि सत्ता की कमान किसे मिलेगी. बीजेपी का सीएम बनता है तो जेडीयू के खाते में डिप्टीसीएम की कुर्सी जा सकती है?

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नीतीश कुमार की जगह क्या सम्राट चौधरी बनेंगे सीएम (Photo-PTI) नीतीश कुमार की जगह क्या सम्राट चौधरी बनेंगे सीएम (Photo-PTI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

बिहार की सियासत एक बार फिर से नई करवट लेती नजर आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गुरुवार को राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार की राजनीति 360 डिग्री पर घूम गई है. दो दशक से सत्ता नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द सिमटी रही है, लेकिन अब उनके दिल्ली जाने का फैसला किए जाने के बाद नए मुख्यमंत्री का चुनाव करना है. 

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नीतीश कुमार के चारो सदन के सदस्य बनने की ख्वाहिश पूरी होने के साथ ही बिहार में सत्ता परिवर्तन की इबारत लिखी जा चुकी है. बिहार के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है, जिससे जल्द ही पर्दा उठ जाएगा. ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी किस नेता को बिहार की सत्ता की कमान सौंपेगी यानि किसे मुख्यमंत्री बनाएगी. 

बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ बीजेपी को जहां मुख्यमंत्री का चेहरा चुनना है तो जेडीयू को उपमुख्यमंत्री चेहरे की भी तलाश करनी है. बिहार के सीएम के लिए बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के नाम रेस में है तो जेडीयू से डिप्टीसीएम के लिए कई चेहरे दौड़ में है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी किसे सत्ता की कमान सौंपेगी तो जेडीयू से कौन डिप्टीसीएम होगा? 

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बिहार में क्या होगा सत्ता का फार्मूला
बिहार में अब जब सियासी बदलाव होने जा रहा है तो सब के मन में सवाल है कि सत्ता का फार्मूला क्या होगा. अभी तक जेडीयू से नीतीश कुमार सत्ता की कमान संभाल रहे थे और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज थे. बीजेपी बिहार में जेडीयू को सीएम का पद देकर डिप्टीसीएम अपना बनाती रही है. इस मॉडल पर दो दशक बिहार में बीजेपी और जेडीयू की साझा सरकार चलती रही. 

बीजेपी 2005 से 2013 तक सिर्फ एक डिप्टीसीएम बनाती रही तो 2017 के बाद से मुख्यमंत्री की कुर्सी नीतीश के देने के बदले में दो डिप्टीसीएम अपना बनाती रही. लेकिन अब बीजेपी जब अपना सीएम बना रही है तो जेडीयू को डिप्टीसीएम का पद एक मिलेगा या फिर दो, ये बात फिलहाल सामने नहीं आई है. ऐसे में देखना होगा कि बिहार में सत्ता और सरकार का क्या फार्मूला बनता है?

बीजेपी से सीएम की रेस में कौन-कौन नेता
बिहार में बीजेपी का सीएम बनना तय माना जा रहा है, लेकिन किसे सत्ता की कमान मिलेगी यह तस्वीर अभी साफ नहीं है. बीजेपी हमेंशा अपने फैसलों से लोगों को हैरान करती रही है, लेकिन उसके बाद भी मुख्यमंत्री की रेस कई नेता बने हुए हैं. बीजेपी से डिप्टीसीएम सम्राट चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है. 

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सम्राट या नित्यानंद, कौन बनेगा सीएम
मुख्यमंत्री पद की रेस में फिलहाल उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है.बिहार का गृह मंत्रालय संभाल रहे सम्राट चौधरी को नीतीश के साथ काम करने का सियासी अनुभव है. वे पीएम मोदी और अमित शाह के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं. कुशवाहा समाज से आने के कारण वे 'लव-कुश' समीकरण में पूरी तरह फिट बैठते हैं.

बीजेपी के दूसरे नेता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय हैं, जिन्हें सीएम के रेस में प्रमुख माना जा रहा है. नित्यानंद को अमित शाह का करीबी माना जाता है. 2019 से केंद्र में मंत्री हैं और अमित शाह के साथ गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे हैं. बिहार भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें सांगठनिक अनुभव हासिल है. वो यादव समुदाय से आते हैं और बिहार में 14 फीसदी यादव समुदाय की आबादी भी है. 

सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय दोनों ही ओबीसी समुदाय से आते हैं और दोनों ही नेता अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. इतना ही नहीं बिहार में बीजेपी के दोनों ही प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. बिहार की जातीय राजनीति में दोनों फिट बैठते हैं, लेकिन देखना होगा कि बीजेपी इन दोनों में से किसे बिहार की सत्ता की कमान सौंपती है यानि किसे मुख्यमंत्री बनाती है? 

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बीजेपी से कई अन्य चेहरे भी सीएम की रेस में हैं?
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और डिप्टीसीएम सम्राट चौधरी ही सिर्फ सीएम की रेस में नहीं हैं बल्कि बीजेपी के कई दूसरे नेता भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं. पांच बार के विधायक संजीय चौरसिया का नाम भी लिया जा रहा है, जो ओबीसी की तमोली जाति से आते हैं. इसके अलावा बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी सीएम के लिए चल रहा है. 

दिलीप जायसवाल भी ओबीसी समुदाय से आते हैं और सीमांचल से हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. इस तरह उनके पास सरकार और संगठन दोनों का अनुभव है. बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए मौजूदा डिप्टीसीएम विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा सहित कई चेहरे भी रेस में बने हुए हैं. इसके अलावा किसी महिला को सीएम बनाने की भी चर्चा चल रही है, लेकिन नाम सामने नहीं आया है. बीजेपी नेतृत्व किसी ऐसे चौंकाने वाले नाम पर भी मुहर लगाकर फिर चौंका सकती है.

जेडीयू किसे बनाएगी बिहार का डिप्टीसीएम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो जेडीयू के भीतर भी बड़े बदलाव किए जाएंगे. बीजेपी से सीएम बनाया जा रहा तो जेडीयू को फिर डिप्टीसीएम का पद मिलना तय है. बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच सरकार का फार्मूला सीएम और डिप्टीसीएम रहा है. नीतीश कुमार चाहे बीजेपी के साथ सरकार बनाया हो या फिर बीच में कुछ समय के लिए आरजेडी के साथ, लेकिन सीएम का पद अपने पास रखा था. 

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नीतीश कुमार अब जब बिहार के दिल्ली की सियासत में जाने का फैसला किया है तो बिहार की राजनीति और सत्ता दोनों ही 360 डिग्री पर घूम गई हैं. सत्ता के साथ सरकार के मॉडल भी बदल जाएगा. बीजेपी का सीएम होगा तो डिप्टीसीएम की कुर्सी जेडीयू के पास होगी. ऐसे में जेडीयू किसे उपमुख्यमंत्री बनाती है, यह देखना होगा. 

जेडीयू से डिप्टीसीएम क्या निशांत बनेंगे
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब चर्चा है कि उनके बेटे निशांत कुमार सियासत में कदम रख सकते हैं. निशांत को विधान परिषद भेजा जा सकता है और उन्हें पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है. सरकार के नए फॉर्मूले के तहत जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है, जिसमें निशांत का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. इसके अलावा जेडीयू अपने कोटे से दूसरा डिप्टीसीएम किसी सवर्ण जाति के नेता को बना सकती है. सवर्ण जाति में विजय चौधरी से लेकर कई नेताओं के नाम है. इसके अलावा अतिपिछड़ी जाति के नेता के नाम भी लिए जा रहे हैं. 

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