पुलिस ने खदेड़ा तो नदी में कूदा शख्स, डूबने से मौत... परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

बिहार के बेगूसराय में पुलिस से बचने के लिए बूढ़ी गंडक नदी में कूदे 28 वर्षीय धारो यादव की डूबने से मौत हो गई. पुलिस फायरिंग के मामले में उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी. परिजनों का आरोप है कि युवक को बचाने पहुंचे ग्रामीणों पर पुलिस ने राइफल तान दी और उन्हें रोक दिया.

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घटना को लेकर अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश. (Photo: Screengrabs) घटना को लेकर अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश. (Photo: Screengrabs)

सौरभ कुमार

  • बेगूसराय,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:40 PM IST

बिहार के बेगूसराय में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि पुलिस फायरिंग के एक मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार करने पहुंची थी. पुलिस को देखकर युवक भागने लगा. पुलिस ने पीछा किया तो वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बूढ़ी गंडक नदी में कूद गया. 

गहरे पानी और तेज बहाव में डूबने से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर करीब चार घंटे तक जाम लगाए रखा. यह घटना बेगूसराय जिले के डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव की है. मृतक की पहचान गांव के वार्ड नंबर-2 निवासी रामजतन यादव के 28 वर्षीय बेटे धिरेंद्र यादव उर्फ धारो यादव के रूप में हुई है.

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पुलिस को देखकर भागा, नदी में लगा दी छलांग
जानकारी के मुताबिक रविवार शाम डंडारी थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि फायरिंग के मामले में आरोपी धारो यादव गांव में मौजूद है. इसके बाद पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची. पुलिसकर्मियों को देखकर धारो यादव भागने लगा. पुलिस ने उसका पीछा किया तो उसने पास से गुजर रही बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी. नदी में कूदने के बाद वह गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते लापता हो गया.

कुछ देर तक युवक का पता नहीं चलने पर स्थानीय लोगों ने उसके परिजनों को सूचना दी. इसके बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए. स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे की तलाश के बाद युवक का शव नदी से निकाला गया.

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परिजनों का आरोप- बचाने गए तो पुलिस ने तानी राइफल
युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि धारो यादव के नदी में कूदने के बाद पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जब लोग युवक को बचाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिसकर्मियों ने उन पर राइफल तान दी और गोली मारने की धमकी देकर रोक दिया. परिजनों का दावा है कि अगर ग्रामीणों को बचाव के लिए जाने दिया जाता तो युवक की जान बच सकती थी.

हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कटरमाला बांध पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया. लोग छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. करीब चार घंटे तक चले हंगामे के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही.

एसडीओ और डीएसपी पहुंचे, जांच का भरोसा
हंगामे की सूचना पर बलिया के एसडीओ अजय कुमार, डीएसपी सुबोध कुमार और डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया. सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.

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इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, धारो यादव के खिलाफ कई मामले दर्ज थे और टीम उसे फायरिंग के मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी. फिलहाल, इस घटना में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर है.

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