बिहार के बगहा से सिस्टम और स्वास्थ्य विभाग की बदहाल स्थिति की तस्वीर सामने आई है. यहां गोबरहिया थाना क्षेत्र के सिंगाड़हवा गांव की 27 वर्षीय गर्भवती महिला सुमन देवी की प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई. महिला को ट्रैक्टर से हरनाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हरहा नदी में ट्रैक्टर फंस गया. काफी देर तक महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ट्रैक्टर से ले जा रहे थे अस्पताल
परिजनों के अनुसार सुमन देवी को रविवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए ट्रैक्टर से हरनाटांड़ ले जाने लगे. बारिश के कारण हरहा नदी में पानी का जलस्तर बढ़ा हुआ था. पानी कम होने का इंतजार करने के बाद ट्रैक्टर को नदी में उतारा गया, लेकिन नदी के बीच रास्ता खराब होने के कारण ट्रैक्टर फंस गया.
ट्रैक्टर को निकालने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन समय बीतता गया. इस दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही सुमन देवी की हालत लगातार बिगड़ती गई. आखिरकार महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
पुल-पुलिया नहीं होने से जान पर बन आती है
दोन क्षेत्र में नदी पर पुल-पुलिया और बेहतर सड़क संपर्क का अभाव बरसात के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है. सामान्य दिनों में भी गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहता है, जबकि बारिश के दौरान हरहा नदी रास्ते में बड़ी बाधा बन जाती है.
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है. सुमन देवी की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधा तक सुरक्षित और समय पर पहुंच की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
हरनाटांड़ है करीब 21 किलोमीटर दूर
सिंगाड़हवा दोन से हरनाटांड़ की दूरी करीब 21 किलोमीटर बताई जा रही है. वहीं रामनगर प्रखंड मुख्यालय करीब 35 किलोमीटर दूर है. स्वास्थ्य सुविधा के लिहाज से हरनाटांड़ नजदीकी प्रमुख केंद्र होने के बावजूद बारिश के दिनों में हरहा नदी रास्ते में बड़ी बाधा बन जाती है.
सुमन देवी की शादी डोलबजवा गांव निवासी संजित उरांव से हुई थी. वह अपने मायके सिंगाड़हवा दोन में रह रही थीं. बताया गया कि सुमन का यह दूसरा बच्चा था और उसका एक बच्चा पहले से है.
अभिषेक पाण्डेय