उत्तर प्रदेश में एक अगस्त से गाड़ियों के लिए स्मार्ट आरसी (Smart RC) जारी की जाएगी. पेपर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जगह अब लोगों को स्मार्ट आरसी मिलेगी. स्मार्ट आरसी में क्यूआर कोड और चिप लगी होगी, जिससे वाहनों का सत्यापन आसान हो जाएगा. ये सुविधा नए और पुराने दोनों ही व्हीकल यूजर्स के लिए है.
यानी अगर आपके पास पहले से कोई वाहन है, तो आप उसकी स्मार्ट आरसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसकी जानकारी जून महीने में आई थी. परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह (स्वतंत्र प्रभार) के निर्देश पर विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी.
उत्तर प्रदेश सरकार 1 अगस्त से अब तक मिल रही वाहनों की पेपर आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) की जगह स्मार्ट आरसी देगी. ये स्मार्ट आरसी किसी एटीएम कार्ड जैसी होगी, जिसमें क्यूआर कोड और चिप लगी होगी. इसकी मदद से किसी वाहन का सत्यापन डिजिटली और जल्द हो सकेगी.
अगर आपके पास एक पुरानी गाड़ी है, तो भी आप इस नई आरसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको सरकार द्वारा तय शुल्क जमा करना होगा. नई आरसी के लिए वाहन मालिकों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा. वहीं नए वाहनों की खरीद पर अब स्मार्ट आरसी ही जारी होगी.
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फिलहाल ये सर्विस शुरू नहीं हुई है. इसके आधिकारिक ऐलान के बाद हमें इसके संबंध में विस्तार से जानकारी मिलेगी. मौजूदा समय में आप वाहन पोर्टल के जरिए कई दूसरी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल आप इस पोर्टल के जरिए कर सकते हैं. संभव है कि स्मार्ट आरसी का विकल्प भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिले.
जहां तक बात स्मार्ट आरसी की है, तो इसमें लगने वाले शुल्क की जानकारी भी अभी जारी नहीं की गई है. प्रदेश में पहले से ही चिप और क्यूआर कोड इंटीग्रेटेड ड्राइविंग लाइसेंस आता है. इसी तर्ज पर हमें वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी देखने को मिल सकता है. इससे लोगों को आरसी कैरी करना आसान हो जाएगा.
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इस सर्विस के बारे में बताते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा था कि जेम पोर्टल के जरिए 10 दिनों के अंदर बिडिंग की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा. वेंडर के फाइनल हो जाने के बाद इस सर्विस का ट्रायल शुरू किया जाएगा. 15 दिनों में प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, इस मामले में अभी कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है.
आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क