खेती-किसानी के खर्चों के बीच प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए कुछ जरूरी बातें जानना अहम है. योजना के तहत लाभ पाने के लिए पात्र किसानों को अपनी जानकारी और जरूरी सत्यापन की स्थिति जांच लेनी चाहिए.
खास तौर पर ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंकिंग और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सही होना जरूरी है. कुछ राज्यों में नए पंजीकरण के लिए फार्मर रजिस्ट्री यानी किसान पहचान पत्र भी अनिवार्य है. इनमें कोई जानकारी अधूरी होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर भुगतान में परेशानी आ सकती है.
पीएम किसान में कितनी रकम मिलती है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह रकम 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. इसका मकसद किसानों को बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना है.
कृषि मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी. 24वीं किस्त की तारीख और भुगतान को लेकर किसान आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. माना जा रहा है कि अगली किस्त दिवाली से पहले किसानों के खाते में भेजी जा सकती है.
1. ई-केवाईसी पूरी है या नहीं, जरूर जांचें
पीएम किसान योजना में पंजीकृत किसानों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य है. अगर आपने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आधिकारिक पोर्टल पर जाकर इसकी स्थिति जांच सकते हैं. ई-केवाईसी के लिए किसान पीएम किसान की वेबसाइट पर ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके लिए आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर जरूरी होता है. अगर ओटीपी से प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अंगूठे के निशान यानी बायोमेट्रिक के जरिए भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है. पीएम किसान मोबाइल ऐप पर चेहरे की पहचान के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध है.
2. बैंक खाते से आधार जुड़ा होना जरूरी
पीएम किसान की रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. ऐसे में किसानों को यह जांच लेना चाहिए कि उनका बैंक खाता सक्रिय है और आधार से जुड़ने संबंधी जरूरी प्रक्रिया पूरी है. बैंक खाते और आधार के रिकॉर्ड में नाम या दूसरी जानकारी अलग होने पर भी भुगतान में परेशानी आ सकती है. अगर खाते में पैसा नहीं पहुंचा है, तो बैंक से संपर्क करके आधार जोड़ने और खाते की स्थिति की पुष्टि कराएं. साथ ही, योजना के पोर्टल पर भुगतान की स्थिति भी देखें.
3. जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन कराएं
योजना का लाभ पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को मिलता है. इसलिए किसान के नाम और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन अहम है. अगर पोर्टल पर भूमि सीडिंग अधूरी दिखाई दे रही है, तो संबंधित राजस्व विभाग या कृषि विभाग से संपर्क करें. जमीन के दस्तावेजों में नाम, खसरा या दूसरी जानकारी गलत होने पर उसे ठीक कराने की जरूरत पड़ सकती है.
4. फार्मर रजिस्ट्री हर जगह अनिवार्य नहीं
फार्मर रजिस्ट्री या किसान पहचान पत्र (Farmer ID) के नियम को लेकर किसानों को अपने राज्य की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए. सरकार ने उन राज्यों में पीएम किसान के नए पंजीकरण के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य की है, जहां किसान रजिस्ट्री का काम शुरू हो चुका है. जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, वहां नए पंजीकरण के लिए नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि हर राज्य में हर किसान के लिए फार्मर आईडी की शर्त एक जैसी है. अगर आपके राज्य में फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है, तो निर्धारित प्रक्रिया के जरिए अपना पंजीकरण पूरा कराएं. इसके लिए राज्य के कृषि विभाग, स्थानीय प्रशासन या कॉमन सर्विस सेंटर से मदद ली जा सकती है.
ऐसे चेक करें 24वीं किस्त का स्टेटस
किसान पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के जरिए अपनी जानकारी और भुगतान की स्थिति देख सकते हैं. यहां पंजीकरण संख्या और मांगी गई जानकारी भरकर पता लगाया जा सकता है कि भुगतान की स्थिति क्या है और ई-केवाईसी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है या नहीं. अगर कोई गड़बड़ी दिखाई देती है, तो संबंधित विभाग से उसे ठीक कराने के लिए संपर्क करें.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क