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Mukhyamantri Kisan Mitra Energy Yojana: किसानों के लिए खुशखबरी, यहां हर महीने बिजली के लिए मिलेंगे 1000 रुपये

Mukhyamantri Kisan Mitra Energy Yojana: इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है. इसके लिए 1450 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. राज्य सरकार के अनुसार कृषि उपभोक्ताओं को 1,000 रूपए प्रतिमाह तक के बिजली बिल होने पर कोई भी राशि नहीं चुकानी पड़ेगी. 

Mukhyamantri Kisan Mitra Urja Yojana Mukhyamantri Kisan Mitra Urja Yojana
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिजली दरों पर प्रति माह 1 हजार रुपये का अनुदान
  • खेती के दौरान बिजली पर व्यय होने वाले उनके अतिरिक्त खर्च में कटौती होगी

Mukhyamantri Kisan Mitra Energy Yojana: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना की शुरूआत की है. इस योजना के माध्यम से किसानों को बिजली दरों पर प्रति माह 1 हजार रुपये अथवा अधिकतम 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष अनुदान मिलेगा. सरकार के दावों के अनुसार इस योजना की शुरुआत के बाद लघु एवं मध्यम वर्ग के किसानों के लिए कृषि बिजली लगभग निशुल्क हो जाएगी.

इस योजना का क्या है उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है. इसके लिए 1450 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. राज्य सरकार के अनुसार कृषि उपभोक्ताओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह तक के बिजली बिल होने पर कोई भी राशि नहीं चुकानी पड़ेगी. 

Kisan Mitra Energy Yojana: किन्हें नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ

इस योजना का लाभ वह किसान नहीं उठा पाएंगे, जो केंद्र और राज्य सरकार को कर देते हैं. इसके अलावा वो सभी किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे जो कर देने वाली कैटेगरी में नहीं आते हैं. माना जा रहा है कि इस योजना की वजह से छोटे और सीमांत किसानों को काफी लाभ मिलेगा.

खेती के दौरान बिजली पर व्यय होने वाले उनके अतिरिक्त खर्च में कटौती होगी. इस बचत का उपयोग वह अपनी खेती-किसानी को और बेहतर करने में लगा सकेंगे. इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के हिसाब से राजस्थान सरकार के जनसंपर्क विभाग के वेबसाइट  पर विजिट कर सकते हैं.

बिजली को लेकर अन्य योजनाओं पर भी सरकार कर रही है काम

इन सबके साथ राजस्थान सरकार सौर ऊर्जा नीति 2019 एवं पवन ऊर्जा नीति 2019 के माध्यम से अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. इसके अलावा कुसुम योजना में 30 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार, 30 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन करने तथा शेष 40 प्रतिशत के लिए किसान को ऋण दिलवाने का प्रावधान है. किसान उत्पादित बिजली के उपयोग के बाद शेष को बेचकर लाभ कमा सकता है.

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