खेती-किसानी के साथ -साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आय का सबसे बड़ा स्रोत है. इसके जरिए बड़ी संख्या में किसान बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार दुग्धशाला विकास और दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत पूरे डेयरी क्षेत्र का कायाकल्प करने की कोशिश हो रही है. दूध और दूध से प्रसंस्कृत उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही पशु आहार के क्षेत्र का भी विकास करने की योजना बनाई जा रही है.
दुग्ध प्लांट और चारा प्लांट पर सब्सिडी
उत्तर प्रदेश सरकार दुग्ध प्लांट पर ₹15 करोड़ व चारा प्लांट पर ₹7.5 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है. 1.25 लाख लोगों को इसके तहत रोजगार देने का भी प्लान किया गया है. इसके तहत अगले 5 साल में यूपी की डेयरी नीति के तहत 5000 करोड़ के निवेश आने की संभावना है.
किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने का प्रयास
यूपी की दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति के जरिए किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने की कोशिश हो रही है. राज्य में गाय पालन के लिए कई तरह की योजनाएं लाई जा रही है. किसानों को लगातार जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
चल रही हैं और भी योजनाएं
बता दें कि गाय पालन से जुड़ी कई योजनाएं इस वक्त देश में चल रही है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन, डेयरी उद्यमिता योजना और राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी स्कीम्स इनमे से मुख्य हैं. इसके जरिए बड़ी संख्या में किसान दुग्ध पालन के बिजनेस में उतर रहे हैं. साथ ही वे बंपर मुनाफा भी हासिल कर रहे हैं.