Gir Cow Farming: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन कमाई का सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है. सरकार भी दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को गाय पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसको लेकर कई सारी योजनाएं भी चल रही हैं. डेयरी उद्योग के लिए नाबार्ड की तरफ से भी किसानों को सहायता भी प्रदान की जाती है. इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी डेयरी खोलने के लिए किसानों को लोन देती है.
किस नस्ल की गाय घर लाएं?
गाय की नस्लों का चुनाव करना एक बड़ी चुनौती है. पशुपालक ये नहीं समझ पाते कि किन नस्लों को घर लाकर वह दूध उत्पादन बढ़ा सकते हैं. ऐसे में गौपालन करने के लिए किसान गिर गाय की प्रजाति का चयन कर सकते हैं. यह गाय की एक दिन में 12 लीटर से अधिक दूध देती है. गाय की इस नस्ल में स्वर्ण कपिला और देवमणी प्रजाति सबसे बेहतर मानी जाती है.
यह है इस गाय की पहचान
गिर गाय गहरे लाल-भूरे और सफेद चमकदार रंग की होती है. इसके कान लंबे होते हैं. माथे में एक उभार होता है. वहीं, सींग पीछे की तरफ मुड़े होते हैं. इसका आकार मध्यम से लेकर बड़ा होता हौता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता सही होने के कारण यह गाय कम बीमार पड़ती हैं.
गिर गाय पालन से बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं किसान
गिर गाय भारत में दूध उत्पादन के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. गिर गाय का जीवन काल 12 से 15 साल हो सकता है. अपने जीवन काल में यह 6 से 12 बच्चों को जन्म देती है. यह गाय अगर रोजाना 12 लीटर भी दूध देती है तो 30 दिन में 360 लीटर दूध देगी और साल भर में 4000 लीटर दूध के आसपास उत्पादन करती है. अगर किसान डेयरी व्यवसाय करें तो गिर गाय का पालन करके लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं.