अगर आप खेती के लिए ऐसी फसल की तलाश में हैं जो कम समय में तगड़ी कमाई दिला दे तो शिमला मिर्च (Capsicum) आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है. इस सब्जी की डिमांड बाजार में साल भर रहती है. सही तरीके से खेती करने पर शिमला मिर्च की फसल आपको अच्छा मुनाफा दे सकती है.
शिमला मिर्च की खेती का सही समय क्या है?
शिमला मिर्च की खेती रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जा सकती है. हालांकि, सर्दियों (रबी) में उगाई गई शिमला मिर्च चमकदार, मोटी और स्वाद में बेहतरीन होती है, जिसकी वजह से बाजार में इसके दाम सामान्य से काफी ज्यादा मिलते हैं. ऐसे में किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
वहीं, अगर आप अभी (फरवरी के आसपास) रोपाई शुरू करते हैं तो मार्च-अप्रैल से तुड़ाई शुरू हो सकती है. ऐसे में गर्मी आने तक अच्छी कमाई होने की उम्मीद होती है. बता दें कि मैदानी इलाकों में रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी-मार्च (सर्दियों की फसल के लिए) और जून-जुलाई (गर्मियों-बरसात की फसल के लिए) माना जाता है.
शिमला मिर्च की खेती कैसे शुरू करें?
बीज और पौध तैयार करना: अच्छी हाइब्रिड वैरायटी चुनें जैसे कैलिफोर्निया वंडर, सोलन भरपूर, या रंगीन वैरायटी (लाल, पीली, हरी). नर्सरी में बीज बोएं और 25-30 दिनों में मजबूत पौध तैयार करें.
खेत की तैयारी: दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है. pH 6-7 के बीच हो. खेत में 5-6 बार जुताई करें, गोबर की खाद (8-10 टन प्रति एकड़) डालें. मेड़ बनाकर रोपाई करें.
रोपाई की दूरी: पौधों के बीच 45-60 सेमी और लाइनों के बीच 60-75 सेमी रखें. इससे पौधों को अच्छी रोशनी और हवा मिलती है.
सिंचाई और देखभाल कैसे करें?
फसल कितने दिनों में तैयार होगी और तुड़ाई का तरीका क्या है?
शिमला मिर्च जल्दी तैयार होने वाली फसलों में से एक है. रोपाई के 60-75 दिनों बाद पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है. हर 4-7 दिनों में तुड़ाई करते रहें. इससे पौधे पर नए फूल और फल लगते रहते हैं. बता दें कि एक फसल से 3-4 महीने तक लगातार उपज मिल सकती है.
लागत और मुनाफा हो सकता है?
प्रति बीघा लागत (मल्च विधि से): 20,000 से 30,000 रुपये (बीज, खाद, मजदूरी, मल्च, सिंचाई आदि शामिल)
पैदावार: अच्छी देखभाल से प्रति बीघा 50-100 क्विंटल या इससे ज्यादा (वैरायटी और मौसम पर निर्भर)
प्रति बीघा मुनाफा: अगर रेट अच्छा मिला तो 2-5 लाख तक भी संभव है.