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UP में क्या गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त कर पाएगी सरकार, जानें केंद्रों पर क्यों पसरा सन्नाटा?

उत्तर प्रदेश में 15 जून तक गेहूं की सरकारी खरीद होनी है. हालांकि, सरकार अपने खरीद लक्ष्य से बहुत ही पीछे है. उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गेंहू की सरकारी खरीद के लिए 60 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन 25 मई बीत जाने के बाद भी प्रदेश में 51931 किसानों से महज 2.13 लाख मिट्रिक टन ही खरीद हो पाई है.

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Wheat procurement
Wheat procurement

उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा किसानों के गेहूं को खरीदने के लिए सरकारी केंद्र तो खोल दिए गए हैं. हालांकि,  इन गेहूं खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. किसान अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्र पर बेचने की बजाए व्यापारियों को बेच रहे हैं. दरअसल, सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं का एमएसपी 2125 रुपये प्रति क्विंटल है. वहीं, व्यापारी किसानों के घर पहुंचकर गेहूं खरीद रहे हैं. साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से ज्यादा रेट पर भी उपज खरीद रहे हैं.

गेहूं खरीद के लक्ष्य से सरकार काफी पीछे

उत्तर प्रदेश में 15 जून तक गेहूं की सरकारी खरीद होनी है. हालांकि, सरकार अपने खरीद लक्ष्य से बहुत ही पीछे है. उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गेंहू की सरकारी खरीद के लिए 60 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, 25 मई बीत जाने के बाद भी प्रदेश में 51931 किसानों से महज 2.13 लाख मिट्रिक टन खरीद ही हो पाई है. आजतक की टीम ने चंदौली देवरिया लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और मुजफ्फरनगर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गेहूं खरीद को लेकर पड़ताल की. हर केंद्र का हाल बेहाल मिला. 

चंदौली के खरीद केंद्रों का क्या है हाल

पूर्वी उत्तर प्रदेश का चंदौली धान का कटोरा तो है ही, इसके साथ ही यहां पर गेहूं की भी बहुत ही अच्छी पैदावार होती है. गेहूं की खरीद के लिए सरकार ने कुल 60 क्रय केंद्र बनाए हैं. हालांकि, क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं पहुंच रहे हैं. चंदौली में तकरीबन एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी. विभाग ने इस बार 83000 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था. इसके सापेक्ष पूरे चंदौली जनपद में 24 मई तक महज 1252.91 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई. हालांकि, गेहूं बेचने के लिए जिले के कुल 5032 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था. अब तक सिर्फ 469 किसानों ने ही जिले के अलग-अलग गेहूं खरीद केंद्रों पर अपने गेहूं की बिक्री की है. यहां किसान ज्यादा रेट के चलते गेहूं की उपज सरकारी खरीद केंद्र पर ना बेचकर व्यापारियों और आढ़तियों को बेच रहे हैं.

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चंदौली के किसान केदार यादव और जोगिंदर की मानें तो प्राइवेट में गेहूं बेचने पर उनको गेहूं की अच्छी कीमत मिली. सरकार द्वारा प्रति क्विंटल गेहूं की कीमत ₹2125 निर्धारित की गई है. किसानों ने यह भी बताया कि उनको घर बैठे 2300 सौ रुपए प्रति क्विंटल गेहूं की कीमत मिल गई. इससे उनको आर्थिक फायदा तो हुआ ही साथ ही साथ ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बच गया. चंदौली की नवीन मंडी में स्थित गेहूं खरीद केंद्र के प्रभारी राजेश कुमार से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि किसानों को सरकारी रेट से ज्यादा रेट प्राइवेट में मिल रहा है.

पीलीभीत के खरीद केंद्रों पर भी पसरा सन्नाटा

अनाज का कटोरा कहे जाने वाले पीलीभीत को इस बार गेहूं खरीद में  2 लाख 31 हजार मी०टन टारगेट मिला था. जनपद में गेहूं खरीद के लिए कुल 6 एजेंसियों ने 141 क्रय केंद्र खोले थे. इन केंद्रों पर अभी तक मात्र 401 किसानों ने ही अपना गेहूं बेचा. जबकि 2075 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. टारगेट से बहुत पीछे होने पर विभाग के अधिकारी खुद केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए उतरे तो बमुश्किल अब तक 2078 MT गेंहू खरीदा जा सका. यहां के डिप्टी आरएमओ विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि गेहूं खरीद का इस बार लक्ष्य 2 लाख 31 हजार  MT है और अब तक हमने 2076 मीट्रिक टन गेहूं खरीद 401 किसानों खरीदा है. इस बार गेहूं खरीद इसलिए कम रही क्योंकि सरकारी रेट कम है और आढ़त पर गेहूं को ऊंचे दाम मिल रहे हैं.

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लखीमपुर का भी बिल्कुल वैसा ही हाल

लखीमपुर में भी सरकारी खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया. कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार लखीमपुर खीरी जिले में 1 लाख 93 हजार 581 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती होती है और जिसका संभावित उत्पादन 8 लाख 52 हजार मीट्रिक टन होता है. जिसके सापेक्ष लखीमपुर खीरी जिले को 1 लाख 88 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला था. लेकिन अब तक जिले में अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए गेहूं खरीद खरीद सेंटरों पर सिर्फ 1435 मीट्रिक टन गेंहू की खरीद हुई है. लखीमपुर नवीन मंडी स्थल में गेहूं बेचने आए किसान रविंद्र सरकार बताते हैं कि यहां पर हम गेहूं लेकर आए हैं. मंडी में बेचने के लिए सेंटर के भाव कम है, ये 2125 रुपए है और समय से पैसा नहीं मिलता है.

क्रय केंद्रों पर कम गेहूं खरीदे जाने पर लखीमपुर खीरी जिले में तैनात डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार पटेल बताते हैं कि इस बार शुरू से ही बाजार में गेहूं का रेट एमएसपी से काफी ऊपर रहा है. जिसकी वजह से किसान सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं आ रहे हैं. हम लोग किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं और जनपद के अन्य विभाग के अधिकारी भी किसानों को समझा रहे हैं कि वह सरकारी खरीद केंद्रों पर ही अपना गेहूं बेचे.

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देवरिया में खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे किसान

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के गृह जनपद देवरिया में गेंहू खरीद का लक्ष्य एक लाख दो हज़ार मीट्रिक टन रखा गया है. लेकिन जो अभी खरीदारी हुई है वह मात्र दो हज़ार मीट्रिक टन है. किसानों की माने तो सरकारी रेट से ज्यादे रेट प्राइवेट में व्यापारी घर से खरीद कर ले जा रहा है. किसान कृष्ण प्रताप हो अश्वनी पटेल हो या विनय कुमार, सभी को सरकारी रेट से आपत्ति है.

मेरठ का क्या है हाल

मेरठ मंडल में भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने नहीं आ रहे हैं. क्योंकि क्रय केंद्र पर रेट कम है जबकि मार्केट में रेट ज्यादा है.आरएमओ मेरठ मंडल कौशल देव ने बताया कि मेरठ मंडल में गेहूं खरीद का   इस बार टारगेट 313000 मेट्रिक टन तय किया गया है.जिसमें अब तक 5432.96 मेट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है.मेरठ मंडल में 253 क्रय केंद्र बनाए गए हैं.सभी जगह खरीद की जा रही है.

अलीगढ़ की ये है स्थिति
       
अलीगढ़ के गेहूं किसान जिले की सरकारी मंडियों में बने अनाज क्रय केंद्रों पर अपना अनाज नहीं बेच रहे हैं. जिसकी वजह से सरकारी MSP के अनुसार खरीद कर रहे अधिकारियों को बेहद निराशा का सामना करना पड़ रहा है. एक लाख मैट्रिक टन से अधिक का टारगेट इस बार अलीगढ़ में MSP के जरिए गेहूं की खरीद का अधिकारियों को मिला हुआ था. लेकिन इसमें वह कुछ प्रतिशत ही खरीद कर पाए हैं. इसके पीछे प्रमुख वजह यह बताई जा रही है कि गेँहू किसान सरकारी MSP पर नहीं बेच रहा है. क्योंकि उसका जो मूल्य है वह कम है और बाहर जो मूल्य उनको मिल रहा है वह बहुत ज्यादा है.

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फिरोजाबाद में कितनी हुई गेहूं की खरीद

फिरोजाबाद जिले में गेहूं खरीदने के लिए 64 खरीद केंद्र बनाए गए थे. पूरी व्यवस्था की गई थी और सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं की ₹2125 प्रति क्विंटल की दर से खरीदारी की कीमत भी तय की गई थी. लेकिन किसान सीधे आढ़तियों के माध्यम से  2200 ₹ प्रति कुंटल में गेहूं बेच रहे हैं क्योंकि किसानों को इससे लाभ हो रहा है इसलिए किसान सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं. हालत ऐसे हैं कि फिरोजाबाद जिले का 67 हजार मैट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन अभी तक 750 मेट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है. .

महोबा में हुई सबसे ज्यादा गेहूं की खरीदी

25 मई तक उत्तर प्रदेश में लक्ष्य के सापेक्ष सबसे कम खरीद आगरा में हुई है. वहीं, सबसे अधिक खरीद महोबा में रिकॉर्ड की गई है. आगरा में कुल 48 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था जबकि यहां पर महज 211.25 मेट्रिक टन ही खरीद हो पाई है. इसी तरह लक्ष्य क़े सापेक्ष सबसे अधिक खरीद महोबा मे हुई है. महोबा मे 38000 मिट्रिक टन क़े लक्ष्य क़े सापेक्ष 11251.55 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है.

(मेरठ से उस्मान चौधरी, फिरोजाबाद से सुधीर शर्मा और अलीगढ़ से अकरम खान के इनपुट के साथ)

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