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महिला किसान ने आर्गेनिक तरीके से शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, लगाए 4 हजार से ज्यादा पौधे

हरियाणा के करनाल की रहने वाली पूनम चीमा ने करीब डेढ़ साल पहले ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है. इसके लिए वह पूरी तरह से आर्गेनिक तरीका अपनाती हैं और यूरिया का इस्तेमाल नहीं करती हैं. ड्रिप विधि से फसल की सिंचाई करती हैं.

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Dragon Fruit Farming
Dragon Fruit Farming

महिलाएं हर क्षेत्र की तरह खेती-किसानी में भी अपना परचम लहरा रही हैं. ऐसी ही एक महिला किसान हैं, करनाल की रहने वाली पूनम चीमा. फिलहाल, वह 2 एकड़ में 4 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रही हैं और अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए मिसाल साबित हो रही हैं. 

डेढ़ साल पहले ही शुरू की खेती

पूनम चीमा बताती हैं कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले ही ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है. वह इसकी खेती के लिए पूरी तरह से आर्गेनिक तरीका अपनाती हैं. यूरिया का इस्तेमाल नहीं करती हैं. ड्रिप विधि से फसल की सिंचाई करती हैं. खेत के देखभाल के लिए लोग भी लगा रखे हैं.

कई बीमारियों का रामबाण इलाज है ड्रैगन फ्रूट

ड्रैगन फ्रूट हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह कई बीमारियों के लिए रामबाण है. डेंगू से लेकर अन्य बीमारियों तक में लोग इसे खूब खाते हैं और इसे खाने से हमारे शरीर को मिनरल्स भी मिलते हैं. पूनम बताती हैं कि अभी फल कम आए हैं अभी तो शुरुआत है. इसलिए जो भी फल आए हैं, हमने रिश्तेदारों को दे दिए हैं. लेकिन इसकी मार्केटिंग के लिए हमने करनाल, कुरूक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़ बात की है. आने वाले दिनों में जब और फल आएंगे तो हम उन्हें वहां बेच सकेंगे.

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किसानों से बात कर सीखा खेती का तरीका

ड्रैगन फ्रूट की खेती को समझने के लिए पूनम चीमा ने अलग-अलग जगहों पर खेतों का दौरा किया और किसानों से बात की कि ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे की जाती है. अब पूनम भी बागवानी की ओर रुख कर रही हैं, उन्होंने कुछ जगहों पर मिक्स फलों के पौधे भी लगाए हैं. यह बहुत अच्छी बात है कि महिला किसानों की संख्या बढ़ रही है और वह भी पारंपरिक खेती छोड़कर ड्रैगन फ्रूट या बागवानी कर रही हैं. 

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रिपोर्ट: कमलदीप
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