सर्दियों के आने के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में इन दिनों प्रदूषण एक गंभीर समस्या है. AQI स्तर 350 के पार बना हुआ है, जो कि बहुत खराब कैटेगरी में आता है. इस मौसम में कई लोग सांस संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हो जाते हैं. ऐसे में लोग एयर प्यूरिफायर का सहारा लेते हैं. हालांकि, ये विकल्प काफी महंगा साबित होता है. पीस लिली का पौधा गमले में लगाकर आप साफ हवा में सांस ले सकते हैं.
जहरीली हवाओं को अवशोषित करने में सक्षम
पीस लिली बहुत आसानी से लग जाने वाला प्लांट है. यह घर की प्रदूषित हवाओं को एयर प्यूरिफायर माना जाता है. यह जहरीले गैसों को अवशोषित करने में सक्षम हैं. कार्बन मोनो ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड और हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों को अवशोषित कर लेता है.
पालतू जानवरों के लिए इसकी पत्तियां जहरीली
हालांकि, इसके पौधे की पत्तियां पालतू जानवरों के लिए जहरीली हो सकती हैं. इस पर कैल्शियम ऑक्जेलेट के क्रिस्टल होते हैं, जो जिससे त्वचा जलन, मुहं में तेज झनझनाहट और जी मिचलना जैसे लक्षण दिख सकते हैं. यह आपके आसपास की नर्सरी पर हर मौसम में मिल सकता है. इसका 1 पौधा लगभग 150 से 200 रुपये के बीच मिलना चाहिए.
किसी भी जगह लगाया जा सकता है ये पौधा
इस पौधे को विकास के लिए धूप की जरूरत नहीं है. इसे आप बालकनी से लेकर रूम तक में लगाया जा सकता है. अगर इसकी पत्तियां पीली हो रही हैं तो समझ लिजिए धूप की मात्रा ज्यादा हो रही है. इसे छांव में रख दें. इस प्लांट की पानी की ज्यादा जरूरत है. पीस लिली जल्दी मरने वाला पौधा नहीं है. अगर आप किसी कारण से कुछ समय के लिए आप इसको पानी देना भूल गए और ये पूरा मुरझाया हुआ सा लगे तो पानी दें, दे खिल जाएगा.
पीस लिली को हैंगिग के रूप में लगाया जा सकता है. इसे लिविंग रूम में , बालकनी मे तथा अन्य कई जगहों पर लगाकर घर की शोभा बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा विंडो सिल पर या टीवी कैबिनेट पर भी जहां हल्की प्रकाश रहता हो डिजाइनर पॉट्स मे लगाकर रख सकते हैं .