बिहार सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने जा रही है. जिन किसानों की फसलें मार्च 2026 में ओले, तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट हो गई हैं, वे राहत राशि के लिए 5 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 13 जिलों के हजारों किसानों को राहत राशि दी जाएगी.
दरअसल, बीते दिनों बिहार के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. मार्च महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में इस तरह की घटनाएं देखी गईं जिससे एक साथ कई फसलों पर मार पड़ी. बारिश के अलावा आंधी और तूफान ने गेहूं जैसी फसल को खेतों में बिछा दिया.आम और लीची जैसी बागवानी फसल भी प्रभावित हुई हैं. इस नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई थी जिसे मान लिया गया है.
किन जिलों के किसानों को मिलेगा अनुदान?
कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ 13 जिलों के उन किसानों को मिल रहा है जिनकी फसलें मार्च के तीसरे और चौथे सप्ताह में आए ओले, तेज हवा और अन्य मौसमी विपत्तियों से प्रभावित हुई हैं. कृषि विभाग की टीम ने फसल नुकसान का सर्वे और आकलन करने के बाद 13 जिलों का नाम चुना है. जिसमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर जिला शामिल है. इन जिलों में कुल 88 प्रखंडों की 1,484 पंचायतों में रहने वाले प्रभावित किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए किसान 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं.
कितनी राहत राशि मिलेगी?
योजना में इतना मिलेगा पैसा
आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओला गिरने के कारण हुए नुकसान के लिए असिंचित (वर्षा पर आधारित) फसल क्षेत्र के लिए किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर, बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित)के लिए 22,5000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी.
बिहार सरकार ने कहा है कि प्रभावित पंचायतों के जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है वे 5 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ आसानी से उठा सकते हैं. इनपुट योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन के समय अपने परिवार का पूरा विवरण आधार वेरिफिकेशन के साथ देना अनिवार्य होगा. अगर परिवार की डिटेल्स देने में किसी भी प्रकार की गड़पड़ पाई जाती है, तो आवेदन कैंसिल कर दिया जाएगा. वहीं, योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी.
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित नहीं रहेगा. जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि राहत राशि समय पर किसानों के खाते में पहुंच जाए. अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से जानकारी पा सकते हैं.