Bloomberg के मुताबिक ईरान की सरकार ने ये कहा कि वो भीड़ को देखते हुए इस शोक समारोह को टाल रही है और उसे डर है कि करोड़ों लोगों के जुटने से हालात बिगड़ सकते हैं. लेकिन बहुत सारे लोग इस पर भी संदेह जता रहे हैं और उनका कहना है कि पहले तो अयातुल्ला खामेनेई का शव छिपाया गया और अब जब उनका जनाज़ा निकालने की तैयारी हुई तो इस शोक समारोह को भी टाल दिया गया. यहां बड़ा सवाल यही है कि आखिर बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है और ईरान की सरकार अयातुल्लाह खामेनेई के शव को बाहर क्यों नहीं लाना चाह रही?