भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडालीजा राइस के परमाणु करार पर हस्ताक्षर करने के साथ ही दोनों देशों के बीच दोस्ती व विश्वास का नया दौर शुरू हो गया है. अब देशवासियों को अमेरिका की मदद से पहला परमाणु संयंत्र लगने का इंतजार है.