मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित सीजफायर को स्थायी बनाने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम वार्ता की तैयारी की गई है, लेकिन हालात बेहद जटिल बने हुए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में इजरायल के लगातार हमलों के कारण ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वहां सीजफायर लागू नहीं होता, वह बातचीत में शामिल नहीं होगा. इस बीच पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की बड़ी भूमिका निभा रहा है, जहां कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच बातचीत की तैयारी की गई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे “मिशन इम्पॉसिबल” मान रहे हैं. अगर यह वार्ता सफल होती है तो पाकिस्तान की वैश्विक साख मजबूत होगी, वहीं असफलता की स्थिति में उसकी कूटनीतिक स्थिति को बड़ा झटका लग सकता है.