अमेरिका की रणनीतिक घेराबंदी के बाद ईरान ने भी अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपनी बैलेस्टिक मिसाइलों को तैनात कर दिया है. खासतौर पर Sejjil-2 मिसाइल को लेकर काफी चर्चा हो रही है, जिसकी मारक क्षमता लगभग ढाई हजार किलोमीटर तक है. यह मिसाइल क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकती है. ईरान की इस तैयारी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावनाएं हैं.