Venezuelan President Nicolas Maduro Venezuela Attack Live News: अमेरिकी आर्मी ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया है. इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है. उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल यूएस वेनेजुएला का शासन संभालेगा. इससे पहले ट्रंप ने हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह एक अमेरिकी युद्धपोत पर सवार थे. उधर, लैटिन अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन समेत कई देशों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की निंदा की और तनाव कम करने की अपील की. वहीं, कराकस में अमेरिकी हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत की भी खबरें सामने आ रही हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में हेलीकॉप्टर से पहुंचे गए. इसके बाद उन्हें भारी सुरक्षा वाले बख्तरबंद मोटरकेड में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के दफ्तर ले जाया गया, क्योंकि मादुरो पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के गंभीर आरोप हैं.
इसके अलावा, निकोलस मादुरो को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद देश के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है. ट्रंप ने कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले चुकी हैं और अमेरिका के साथ सहयोग करेंगी, लेकिन रोड्रिगेज ने टीवी पर मदुरो की रिहाई और प्रूफ ऑफ लाइफ की मांग की. साथ ही अमेरिका को आक्रमणकारी बताया.
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कई भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला में अमेरिकी बलों की तैनाती और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है.
राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा और श्री थानेदार सहित सांसदों ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी नहीं ली गई. उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम अमेरिका को एक और लंबे संघर्ष में धकेल सकता है, संविधान और कानून के शासन को कमजोर करता है और घरेलू प्राथमिकताओं से ध्यान भटकाता है.
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रीनो ने कहा है कि अमेरिका की उस कार्रवाई के दौरान पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा टीम के कई सदस्य मारे गए, जिसमें मादुरो को हिरासत में लिया गया. उन्होंने हताहतों की संख्या नहीं बताई, लेकिन अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज के समर्थन का ऐलान किया. साथ ही देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों को पूरे देश में तैनात किए जाने की बात कही.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेनेजुएला में हुई अमेरिकी कार्रवाई को आक्रमण मानने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि यह एक सीमित लॉ एनफोर्समेंट ऑपरेशन था, जिसमें एफबीआई ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया और सैन्य बलों का इस्तेमाल सिर्फ एजेंट्स की सुरक्षित एंट्री-एग्जिट के लिए किया गया. रुबियो ने कांग्रेस को पहले सूचना न देने को गोपनीयता और आपात स्थिति से जोड़ा.
पूरी खबर यहां पढ़ें- वेनेजुएला पर 'आक्रमण' कर कानूनी जाल में फंसे ट्रंप? संसद को बायपास करने पर रुबियो ने दी सफाई
पूर्व अमेरिकी विशेष दूत इलियट एब्रैम्स ने कहा कि निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी गलती यह होगी कि वह मादुरो शासन के बचे हुए ढांचे को सत्ता में बने रहने दे. उन्होंने चेतावनी दी कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व में वही व्यवस्था जारी रखना, दरअसल मैदुरो के बिना भी उसी शासन को चलाना होगा. एब्रैम्स ने अमेरिका से वेनेजुएला के लोकतांत्रिक विपक्ष का समर्थन करने और 2024 चुनाव के कथित विजेता एडमुण्डो गोंजालेज और मारिया कोरिना मचाडो के पक्ष में खड़े होने की अपील की.
पहले अमेरिकी मूल के पोप लियो ने रविवार को वेनेजुएला की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि देश की संप्रभुता सुनिश्चित की जानी चाहिए. संडे एंजेलस के दौरान उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के लोगों का हित सर्वोपरि है और संविधान, कानून के शासन और मानव और नागरिक अधिकारों का सम्मान करते हुए न्याय और शांति के रास्ते पर आगे बढ़ना जरूरी है.
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद वेनेजुएला के हिगुएरोटे में स्थित एक एयरपोर्ट का वीडियो सामने आया है, जिसमें चारों ओर तबाही का मंजर नजर आ रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट और आसपास के पूरे इलाके में मलबा फैला हुआ है. साथ ही जली हुई मशीनरी के टुकड़े, क्षतिग्रस्त विमान और इमारतें दिखाई दे रही है. आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने शनिवार को इस क्षेत्र में हमले किए.
बता दें कि हिगुएरोटे वेनेजुएला की राजधानी काराकास से लगभग 85 किलोमीटर (52 मील) पूर्व में स्थित है. ये उन कई स्थानों में से एक था, जिन्हें अमेरिकी कार्रवाई में निशाना बनाया गया था. इस कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और उन्हें देश से बाहर निकालना भी शामिल था, जिन्हें मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका ले जाया गया था.
3 जनवरी की रात जब वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सन्नाटा पसरा था, तब अचानक हुए कुछ धमाकों ने लोगों को गहरी नींद से जगा दिया. आसमान से एकाएक हमले होने लगे. सड़कों पर अचानक अफरा-तफरी मच गई. अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की थी. इस हमले के बाद अमेरिका के सैन्य बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस और बुल्गारियन लेडी बाबा वेंगा की उस भविष्यवाणी ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच लिया है, जिसमें 2026 में वैश्विक स्तर पर बड़े युद्ध की बात कही गई है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
दिल्ली में सीपीआई-एम ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी अपने हाथों तख्तियां लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे, जिसमें लिखा था कि वेनेजुएला में हमले बंद करों. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा सीपीआई-एम नेता वी. श्रीनिवास राव ने कहा कि सीपीआई अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए आक्रामक और कपटपूर्ण हमले की निंदा करती है.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ सकते हैं, तो भारत को भी मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पाकिस्तान से वापस लाना चाहिए. वेनेजुएला में अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन का ज़िक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि ट्रंप ने मादुरो को पकड़ लिया है और उन्हें अमेरिका ले गए हैं. यहां पढ़ें पूरी खबर...
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के बाद अब अमेरिकी एजेंसियों ने उन्हें न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया है. हालांकि, उन्हें किसी डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट किया गया है. इस बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर चिंता जताई है और कहा कि हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर बयान जारी कर कहा, 'भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है. हम सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत के जरिए से शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील करते हैं.'
MEA ने अपने बयान में आगे कहा कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करना जारी रखेगा.
लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने शनिवार को ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने वाले अमेरिकी सुरक्षा बलों के विशेष ऑपरेशन को लापरवाही भरा फैसला करार दिया है.
उन्होंने एक्स पर बयान साझा कर कहा कि मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए वेनेजुएला पर हमला करने से अराजकता और हिंसा का खतरा है और इससे अमेरिका एक ऐसे संघर्ष में फंस सकता है, जिसमें अमेरिका की जनता फंसना नहीं चाहती.
उन्होंने आगे कहा कि लॉस एंजिल्स शांति, लोकतंत्र और कूटनीति के लिए खड़ा रहेगा.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए NATO के एक पूर्व कमांडर ने शनिवार को चेतावनी दी कि वेनेजुएला में संभावित दुश्मनी के कारण अमेरिका के लिए ग्राउंड लेवल पर सेना तैनात करके तेल संसाधनों को सुरक्षित करना मुश्किल हो सकता है.
CNN से बात करते हुए पूर्व कमांडर ने कहा, 'किसी ऐसे देश में तेल पर कब्जा बनाए रखना मुश्किल होगा जो शत्रुतापूर्ण हो सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि सैन्य ऑपरेशन के बाद की स्थिति अभी-भी स्पष्ट नहीं है.'
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. उन्होंने किसी संप्रभु देश पर एकतरफा हमले को 'युद्ध की कार्रवाई' करार देते हुए इसे संघीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया. भारतीय मूल के मेयर ममदानी ने कहा कि उन्होंने इस कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे बातचीत की है.
इस बीच चीन ने वेनेजुएला में अमेरिका के एक्शन पर कड़ा विरोध जताया है. चीन ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उन्हें तुरंत रिहा करे. साथ ही वेनेजुएला की सरकार को गिराने के प्रयास बंद करे. संवाद और बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान करने का प्रयास हो.
वेनेजुएला पर अमेरिकी सुरक्षाबलों द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की खबर लीक हो गई थी, लेकिन अमेरिका की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान- न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट ने जवानों की सुरक्षा को लेकर इस खबर का प्रकाशन नहीं किया था.
सेमाफोर को इस मामले से परिचित दो लोगों ने बताया कि न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट को शुक्रवार रात को वेनेजुएला पर होने वाली एयरस्ट्राइक के बारे में जानकारी मिली थी, लेकिन उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस जानकारी को प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया था.
अमेरिकी हमलों के बाद स्टारलिंक ने वेनेजुएला में मुफ्त ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने का ऐलान किया है. रविवार सुबह इस बारे में एक्स पर जानकारी देते हुए स्टारलिंक ने बताया, 'स्टारलिंक 3 फरवरी तक वेनेजुएला के लोगों को मुफ्त सेवा प्रदान करेगा, जिससे निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.' वेनेजुएला के इंटरनेट बुनियादी ढांचे को लंबे वक्त से सरकार के कड़े नियंत्रण, देशव्यापी ब्लैकआउट और धीमी गति का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कनेक्टिविटी एक लगातार चुनौती बनी हुई है.
रविवार को व्हाइट हाउस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का एक पुराना वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वेनेजुएला आकर उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती देते हुए सुना जा सकता है. वीडियो में मादुरो कहते हैं, 'आओ और मुझे गिरफ्तार करो. मैं यहीं तुम्हारा इंतजार करूंगा. आने में देर मत करना... कायर.'
अमेरिका के वेनेजुएला पर एक्शन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने सीएनएन को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान वेनेजुएला के नेता मादुरो को हटाने की योजना पर उनसे बात की गई थी, लेकिन उस वक्त अधिकारी उन्हें इस मुद्दे पर उनका (ट्रंप) ध्यान केंद्रित नहीं करा सके.
उन्होंने सीएनएन को बताया कि उस वक्त ट्रंप वेनेजुएला के तेल में पहले से ही काफी रुचि रखते थे. बोल्टन ने दावा किया कि सलाहकार ट्रंप को मादुरो को हटाने के विचार में रुचि दिलाने में तो सफल रहे, लेकिन वे उन्हें इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित नहीं रख पाए.
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेनेजुएला पर एक्शन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ये मामला ड्रग्स या डेमोक्रेसी का नहीं, बल्कि तेल का है.
उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रम्प की कार्रवाइयों से अमेरिका न तो अधिक सुरक्षित, न ही अधिक मजबूत और न ही अधिक किफायती बनता है.'
मादुरो का क्रूर और अवैध तानाशाह होना इस तथ्य को नहीं बदलता कि ये कार्रवाई गैरकानूनी और नासमझी भरी थी. सत्ता परिवर्तन या तेल के लिए युद्ध, जिन्हें ताकत के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन अंततः अराजकता में तब्दील हो जाते हैं और अमेरिकी परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है.
हैरिस ने आगे कहा कि अमेरिकी जनता ऐसा नहीं चाहती और वे झूठ से तंग आ चुके हैं. ये मामला न तो ड्रग्स का है और न ही लोकतंत्र का. ये तेल और डोनाल्ड ट्रंप की क्षेत्रीय ताकतवर नेता बनने की चाहत का है. अगर उन्हें इन दोनों की परवाह होती, तो वे न तो दोषी ठहराए गए ड्रग तस्कर को माफ करते और न ही मादुरो के साथियों के साथ सौदे करते हुए वेनेजुएला के वैध विपक्ष को दरकिनार करते.
उन्होंने ट्रंप पर सैनिकों को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए कहा, 'राष्ट्रपति सैनिकों को खतरे में डाल रहे हैं, अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, एक क्षेत्र को अस्थिर कर रहे हैं और न तो कोई कानूनी अधिकार दे रहे हैं, न ही कोई निकास योजना और न ही देश को कोई लाभ पहुंचा रहे हैं.'
पूर्व उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जिसकी प्राथमिकताएं कामकाजी परिवारों के लिए लागत कम करना, कानून का शासन लागू करना, गठबंधनों को मजबूत करना और सबसे महत्वपूर्ण बात, अमेरिकी जनता को सर्वोपरि रखना हो.
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में एक बार फिर उथल-पुथल मची हुई है. अमेरिकी फोर्सेस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को एक बड़े सैन्य अभियान में गिरफ्तार कर देश से बाहर निकाल लिया. अमेरिका के अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी द्वारा न्यूयॉर्क की कोर्ट में उनके खिलाफ पहले से दाखिल मामलों की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि अब मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी अदालतों में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा. यहां पढ़ें पूरी खबर...
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक चैंबर ने शनिवार को आदेश दिया कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी. यह फैसला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति के मद्देनजर लिया गया है, जिन्हें शनिवार तड़के अमेरिकी बलों द्वारा किए गए एक ऑपरेशन में हिरासत में लिया गया. यहां पढ़ें पूरी खबर...
फॉक्स न्यूज के अनुसार, वेनेजुएला में एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उनके समर्थकों ने व्हाइट हाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला के नेता मादुरो का बचाव करते हुए संघीय आरोपों में उनकी गिरफ्तारी को लेकर ट्रंप प्रशासन की आलोचना की. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'मैं मादुरो को रिहा करना चाहता हूं.' जबकि अन्य ने तर्क दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास एक संप्रभु राष्ट्र के नेता के रूप में वर्णित व्यक्ति को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है.
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका पर दूसरे देशों में हस्तक्षेप के लिए साम्राज्यवादी सोच का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया.
US Attacks Venezuela: वेनेजुएला स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी नागिरकों से सुरक्षा संबंधी अपडेट लेने करने के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में रजिस्ट्रेशन करने की अपील की और चेतावनी दी है कि वेनेजुएला में सुरक्षा स्थिति लगातार बदल रही है.
दूतावास ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों के लिए गंभीर खतरों के कारण वेनेजुएला के लिए लेवल 4 की "यात्रा न करें" चेतावनी जारी की गई है और देश में मौजूद लोगों को सावधानी बरतने, सतर्क रहने और वेनेजुएला के बाहर के संपर्कों से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है.
दूतावास ने ये भी बताया कि वर्तमान में देश से कोई भी वाणिज्यिक उड़ान संचालित नहीं हो रही है और ये भी कहा कि मार्च 2019 से जब अमेरिकी विदेश विभाग ने सभी राजनयिक कर्मियों को वापस बुला लिया और कराकस स्थित अमेरिकी दूतावास में कामकाज निलंबित कर दिया, तब से सभी नियमित और आपातकालीन कांसुलर सेवाएं बंद हैं.
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है. उन्होंने कहा कि मुझे आज सुबह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने और न्यूयॉर्क शहर में संघीय हिरासत में उनकी कैद के बारे में जानकारी मिली.
उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला युद्ध की कार्रवाई है और संघीय एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.
न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा, 'सत्ता परिवर्तन की ये खुली कोशिश न केवल विदेशियों को प्रभावित करता है, बल्कि न्यूयॉर्क वासियों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिनमें हजारों वेनेजुएलावासी शामिल हैं जो इस शहर को अपना घर मानते हैं. मेरी प्राथमिकता उनकी और न्यूयॉर्क के लोगों की सुरक्षा है और मेरा प्रशासन स्थिति पर नजर रख रखा है और जरूरी दिशा निर्देश जारी करेगा.'
फॉक्स न्यूज को दो सूत्रों ने बताया कि वेनेजुएला पर बड़े हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेमोक्रेट्स की रविवार को आपातकालीन बैठक होने की संभावना है. ये बैठक वर्चुअल रूप से होगी. सूत्रों का कहना है कि ये बैठक स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे होगी.
अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किए जाने के बाद वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला में 'आजादी का वक्त' आ गया है.
मचाडो ने एक्स पर बयान जारी कर कहा, 'निकोलस मादुरो को वेनेजुएलावासियों और कई अन्य देशों के नागरिकों के खिलाफ किए गए जघन्य अपराधों के लिए इंटरनेशनल जस्टिस (न्याय) का सामना करना पड़ेगा.'
उन्होंने आगे कहा कि बातचीत के जरिए समाधान स्वीकार करने से इनकार करने के कारण, अमेरिकी सरकार ने कानून लागू करने का अपना वादा पूरा कर दिया है.
मचाडो ने कहा कि हमारे देश में जन संप्रभुता और राष्ट्रीय संप्रभुता का शासन स्थापित करने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि हम व्यवस्था स्थापित करेंगे, राजनीतिक कैदियों को रिहा करेंगे, एक असाधारण देश का निर्माण करेंगे और अपने बच्चों को घर वापस लाएंगे.
मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला में लोकतंत्र के लिए सालों का संघर्ष आखिरकार एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है.
वेनेजुएला के सर्वोच्च न्यायालय ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है. ये फैसला निकोलस मादुरो को अमेरिकी सुरक्षाबलों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद लिया गया है. हालांकि, रोड्रिगेज ने अपने भाषण में मादुरो को ही राष्ट्रपति बताया और अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है.

वेनेजुएला पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने पर रूस और चीन भड़क गए हैं. बीजिंग ने इसे खुले तौर पर ‘दादागिरी’ करार दिया है, जबकि रूस ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की अपील की है. दोनों देशों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंब बुलाने की मांग का समर्थन किया है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है. राजधानी कराकस पर किए गए अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया है. अमेरिका ने इस ऑपरेशन को Operation Absolute Resolve नाम दिया है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि फिलहाल वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा. यहां पढ़ें पूरी खबर...