middle east war, israel iran conflict, us airstrikes on iran, US Israel Iran War Live Updates: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग जारी है. एक महीने बाद भी दोनों देशों के बीच हालात स्थिर होते नहीं दिख रहे. हाल ही में ईरान ने कुवैत के एयरपोर्ट पर हमला कर दिया जिससे वहां के रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा.
इराक के मोसुल में भी शिया 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (PMF) के एक ठिकाने को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक हुई. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में इराक के दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए.
मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के खिलाफ तेल अवीव के हाबिमा स्क्वायर में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इस दौरान भारी संख्या में लोगों कैंडिल मार्च निकालकर जंग रोकने की अपील की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में इस युद्ध के दौरान मारे गए मासूम बच्चों की तस्वीरें थीं. इन तस्वीरों में किसी एक देश के नहीं, बल्कि ईरान, लेबनान और इजराइल के बच्चे शामिल थे, जो इस युद्ध की बलि चढ़ गए.
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मिडल ईस्ट में तनाव चरम पर है. ईरान की राजधानी तेहरान और पास के शहर करज में देर रात कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, आसमान में धमाकों के बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया गया है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि ये हमले हैं या सिर्फ सुरक्षा अलर्ट, लेकिन तेहरान के तीन अलग-अलग इलाकों में लोग दहशत में हैं.
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जंग में लेबनान के भीतर तबाही का मंजर बढ़ता जा रहा है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, घायलों की संख्या 3,500 के पार पहुंच गई है. दुखद बात यह है कि जान गंवाने वालों में कम से कम 52 स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज अपनी सेना को दक्षिणी लेबनान में 'सिक्योरिटी बफर जोन' का दायरा और ज्यादा बढ़ाने का निर्देश दिया है. नॉर्दर्न कमांड से जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने साफ किया कि वे उत्तरी सीमा पर सुरक्षा स्थिति को पूरी तरह बदलना चाहते हैं. इस फैसले का मकसद हिजबुल्लाह की घुसपैठ और एंटी-टैंक मिसाइल हमलों को रोकना है.
इजरायली मीडिया के मुताबिक, दक्षिण इजरायल के नियोत होवाव (Neot Hovav) इंडस्ट्रियल जोन में एक केमिकल प्लांट पर ईरानी मिसाइल गिरी है. हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई और एक व्यक्ति घायल हुआ है. अधिकारियों ने खतरनाक रसायनों के रिसाव की आशंका जताई है. एहतियात के तौर पर स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि उनके एक सैन्य कैंप (Military Camp) पर मिसाइल से हमला किया गया है. इस हमले में सेना के 10 जवान घायल हुए हैं. सेना ने आधिकारिक तौर पर इस हमले और घायल सैन्यकर्मियों की जानकारी साझा कर दी है.
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की फ्रांस ने कड़े शब्दों में निंदा की है. फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फाव्रेक्स ने हूतियों की इस कार्रवाई को 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया. फ्रांस ने चेतावनी दी है कि हूतियों को ऐसे सभी हमलों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पहले से सुलग रहे मिडल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है. गौरतलब है कि हूतियों ने शनिवार को इजरायल के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था, जिसके बाद फ्रांस ने साफ कहा कि इस संघर्ष को और फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इस क्षेत्र में जारी जंग ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को पहले ही संकट में डाल रखा है.
मिडिल ईस्ट संकट में पाकिस्तान की बिचौलिए वाली भूमिका रंग लाती दिख रही है. न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, रक्षा विश्लेषक आसिफ दुर्रानी ने कहा कि सऊदी, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की इस्लामाबाद में मौजूदगी पाक की कूटनीति को बड़े क्षेत्रीय समर्थन का संकेत है. सबसे बड़ा अपडेट यह है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 20 अतिरिक्त पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने की मंजूरी दे दी है. दुर्रानी के मुताबिक, यह पाकिस्तान पर ईरान के बढ़ते भरोसे का सबूत है. उन्होंने साफ किया कि दबाव नहीं, बातचीत ही शांति का रास्ता है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब समुद्र में भी चरम पर पहुंच गया है. ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने सीधे तौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाने की चेतावनी दी है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, कमांडर शहरम ईरानी ने कहा है कि जैसे ही 'अब्राहम लिंकन' स्ट्राइक ग्रुप ईरान की मिसाइलों की रेंज में दाखिल होगा, उस पर तटीय मिसाइलों से हमला किया जाएगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह हमला देना (Dena) के शहीदों का बदला लेने के लिए किया जाएगा. बता दें कि यह धमकी ऐसे वक्त में आई है जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को काफी बढ़ा दिया है.
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने नेशनल डिफेंस के 30 दिन पूरे होने पर देश के नाम एक संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि रमजान युद्ध अब अपने सबसे संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है और जिस पक्ष ने यह जंग शुरू की थी, अब उस पर ही इसका असर दिख रहा है.
कालिबाफ ने अपने बयान में अमेरिका और इजरायल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना अब डोनाल्ड ट्रंप की एक ऑपरेशनल इच्छा बन गया है, लेकिन यह पूरा होना आसान नहीं है. उन्होंने कहा, 'हमारी मिसाइलें तैनात हैं और हमारे जवान अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें जवाब दिया जा सके.' कालिबाफ ने यह भी कहा कि अमेरिका अलग-अलग बयानों में बातचीत की बात कर रहा है, लेकिन ईरान अपनी स्थिति से पीछे हटने वाला नहीं है.
इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच इजरायली सेना (IDF) ने एक और साहसिक मिशन को अंजाम दिया है. सेना की जांबाज 'अल्पिनिस्ट यूनिट' ने बर्फ से ढके माउंट हर्मन से लेकर लेबनान सीमा के माउंट डोव इलाके तक एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया. इस मिशन का मकसद ऊंचे पहाड़ों पर छिपे आतंकी ठिकानों को ढूंढकर उन्हें पूरी तरह खत्म करना था. इजरायल ने इस पूरे ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कमांडो मुश्किल रास्तों पर खुफिया जानकारी जुटाते नजर आ रहे हैं. सेना का कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि दुश्मन लेबनान सीमा पर अपने पैर न जमा सके.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक नए और ज्यादा खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुकी है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग में अब हूती की एंट्री हो गई है, जिसने पहली बार सीधे इजरायल की तरफ मिसाइल दागकर इस युद्ध को और बढ़ा दिया है. इस कदम ने न सिर्फ क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी नए खतरे खड़े कर दिए हैं. यहां पढ़ें पूरी खबर...
पश्चिम एशिया का युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान के भीतर हफ्तों तक चलने वाले 'जमीनी सैन्य अभियानों' की रूपरेखा तैयार कर चुकी है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
इजरायली सुरक्षा बलों ने ईरानी हमलों के जवाब में तेहरान पर रविवार को भीषण बमबारी की है. आईडीएफ ने बताया कि आईडीएफ ने तेहरान समेत ईरान के अन्य क्षेत्रों में ईरानी शासन के कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं, जिससे शासन का बुनियादी ढांचा तबाह हो गया है.
मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग अब और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है. इसमें अब एक नया और निर्णायक मोड़ आ गया है, जब हूती ने सीधे तौर पर एंट्री करते हुए इजरायल पर मिसाइलें दाग दी हैं. इसके साथ ही यह जंग अब तीन मोर्चों पर फैल चुकी है. ईरान, लेबनान-इजरायल फ्रंट और अब यमन से नया मोर्चा खुल गया है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) से बढ़ी ग्लोबल टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है. मिडिल ईस्ट में जंग से जुड़े नए-नए अपडेट इसे चरम पर पहुंचाने का काम कर रहे हैं. अब खबरें चर्चा में हैं कि अमेरिका ईरान की इकोनॉमी की रीढ़ माने जाने वाले खार्ग द्वीप को अगला निशाना बना सकता है और वहां पर ग्राउंड ऑपरेशन के लिए बड़ी तैयारी की है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका से लेकर यूरोप तक लाखों लोग जंग के विरोध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - ‘No Kings’ रैलियों में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर... अमेरिका से यूरोप तक गूंजा विरोध
इजरायली सेना ने रविवार सुबह बताया कि दक्षिणी लेबनान में युद्ध के दौरान के सैनिक की मौत हो गई है, जबकि आईडीएफ के तीन सैनिक घायल हो गए हैं. सेना ने बताया कि मृत सैनिक की पहचान सार्जेंट मोशे यित्जाक कोहेन काट्ज के रूप में हुई है. उनके परिवार को सूचित कर दिया गया है.
ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए रविवार को बड़ा हमला किया है. बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हवाई हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है, जिससे पूरे इलाके में सायरन बज रहे हैं. साथ ही लोगों को शांत रहने और पास के सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक नए और ज्यादा खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुकी है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग में अब हूती की एंट्री हो गई है, जिसने पहली बार सीधे इजरायल की तरफ मिसाइल दागकर इस युद्ध को और बढ़ा दिया है. इस कदम ने न सिर्फ क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी नए खतरे खड़े कर दिए हैं. यहां पढ़ें पूरी खबर...
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) और 'वॉशिंगटन पोस्ट' की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स की पहली 'एक्सपीडिशनरी यूनिट' (31st MEU) मध्य पूर्व पहुंच चुकी है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
तेहरान की यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद IRGC ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, Iran University of Science and Technology पर हमला हुआ था. IRGC ने अमेरिका से मांग की है कि वो इस हमले की निंदा करे, वरना कार्रवाई होगी. वहीं, इजरायल ने तेहरान में सरकारी ठिकानों पर हमलों की पुष्टि की है.
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक बयान जारी करके बताया है कि उन्होंने इजरायल के खिलाफ अपने दूसरे सैन्य अभियान को अंजाम दिया है. इस हमले में क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया. प्रवक्ता ने बतायाहै कि हूतियों की तरफ से इस तरह के हमले आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक इजरायल अपने हमलों को पूरी तरह बंद नहीं कर देता, तब तक वो अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकेंगे.
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और ईरान के साथ जारी संघर्ष के खिलाफ 'नो किंग्स' (No Kings) रैलियां निकाली गईं. इस अभियान के तहत 50 राज्यों में 3,200 से ज्यादा कार्यक्रमों की योजना बनाई गई. इससे पहले हुए दो 'नो किंग्स' आयोजनों में भी लाखों लोगों ने हिस्सा लिया था.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इराक के कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति नेचिर्वन बरजानी के घर पर हुए हमले के बाद उनसे फोन पर बात की. मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि इराक की संप्रभुता और उसके भीतर कुर्दिस्तान क्षेत्र की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी है. उन्होंने ये भी बताया कि इराक को वर्तमान में जारी संघर्ष और तनाव में खींचने से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जानी चाहिए.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अर्मेनियाई समकक्ष अरारत मिर्जोयान के साथ फोन पर बातचीत की. दोनों ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के नतीजों पर चर्चा की. मिर्जोयान ने इस दौरान ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई और दूसरे अधिकारियों और नागरिकों की मौत पर शोक जताया.
इस वीकेंड पर इजरायल ने ईरान और लेबनान में लगभग 250 ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं. इजरायली सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अकेले ईरान में 100 और लेबनान में 170 ठिकानों को निशाना बनाया गया है. ईरान में किए गए इन हमलों का मुख्य केंद्र वहां की बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन इकाइयां, मिसाइल लॉन्च करने वाले ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम रहा.
इराक के मोसुल शहर में एक एयरस्ट्राइक हुई. ये हमला शिया पैरामिलिट्री ग्रुप (PMF) के एक ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया था. इस हमले में इराक के 2 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य लोग घायल हो गए.