यूरोपीय शक्तियों के दम पर रूस से जंग लड़ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अपने जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा कि उनके देश के पास मिसाइल खत्म हो गए हैं, मिसाइलों की कमी की वजह से डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं.
शुक्रवार को यूक्रेनी मीडिया से बात करते हुए जेलेंस्की ने दावा किया कि पैट्रियट और NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम हाल के रूसी हमलों को रोकने में नाकाम रहे. जेलेंस्की ने इसे पश्चिमी लॉजिस्टिक्स और फाइनेंसिंग की नाकामी बताया.
जेलेंस्की ने कहा, "मुझे पता है कि कोई एक्शन नहीं होगा क्योंकि डिफेंस के लिए मिसाइलें नहीं हैं," उन्होंने शिकायत की कि उन्हें अतिरिक्त सप्लाई के लिए पश्चिम पर रोजाना दबाव डालना पड़ रहा है.
जेलेंस्की की यह ताजा शिकायत यूरोपीय नेताओं के साथ गरमागरम बातचीत की एक सीरीज़ के बाद आई है. यूरोप के नेता उनकी मांगों से थकते जा रहे हैं.
पिछले हफ़्ते दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उन्होंने यूरोप पर कमजोरी और असमंजस का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला. इसके लिए उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी.
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने ज़ेलेंस्की को 'एक हताश स्थिति वाला आदमी' बताया जो संघर्ष को खत्म करने में 'असमर्थ या अनिच्छुक'है. इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानि ने यूक्रेनी नेता की टिप्पणियों को गलत बताया और कहा कि उनमें व्यापक यूरोपीय समर्थन के लिए कृतज्ञता की कमी है.
क्यों कमजोर पड़ रहा है यूक्रेन का मिसाइल डिफेंस सिस्टम
यूक्रेन का मिसाइल डिफेंस सिस्टम पैट्रियट और IRIS-T इंटरसेप्टर मिसाइल की किल्लत झेल रही हैं. यूरोप यूक्रेन को इन मिसाइलों की नई खेप सप्लाई नहीं कर रहा है. बता दें कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम को इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत होती है, जिससे जरिये वे अपने रेंज में आ रहे बाहरी मिसाइलों को ध्वस्त करते हैं.
रूस लगातार बड़े अटैक कर रहा है, 4 साल से चल रही जंग की वजह से यूक्रेन की क्षमता सीमित हो गई है. डिफेंस सिस्टम को मेंटेनेंस की जरूरत है.
माइनस टेम्प्रेचर से कांप रहा है यूक्रेन
यूक्रेन में अभी ठंड की स्थिति बहुत कठिन है. मौसम काफी सर्द है, खासकर कीव और उत्तरी-पूर्वी इलाकों में. यहां दिन में तापमान लगभग -7°C से -4°C के आसपास है, और रात में -12°C से -20°C तक गिर जाता है.
रूस के हमलों की वजह से यूक्रेन में पावर सप्लाई का पूरा सिस्टम चरमरा चुका है. इससे पूरे देश में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हो रही है. कई इलाकों (कीव, खार्किव, चेर्निहिव, ओडेसा आदि) में बिजली सिर्फ 3-6 घंटे या उससे भी कम आ रही है. कुछ इलाके ऐसे हैं जहां कई दिनों से बिजली नहीं आई है.
बिजली की कमी से यूक्रेन में लाखों लोग बिना हीटिंग, बिजली और गर्म पानी के रह रहे हैं. ठंड की वजह से घरों के अंदर की खिड़कियां अंदर से जम
रही हैं.