अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि बढ़ते तनाव के बीच वह ईरान से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं. ट्रंप ने गुरुवार को कैनेडी सेंटर में पत्रकारों से कहा, 'इस समय हमारे बहुत बड़े और बेहद ताकतवर जहाज ईरान की ओर बढ़ रहे हैं, और यह अच्छा होगा अगर हमें उनका इस्तेमाल न करना पड़े.'
मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 6 जहाज
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका का एक नया नौसैनिक विध्वंसक जहाज मिडिल ईस्ट में दाखिल हो गया है. वहीं ईरानी अधिकारी अमेरिका के साथ संभावित सैन्य टकराव की तैयारी कर रहे हैं.
पिछले 48 घंटों के भीतर यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक नाम का जहाज इस क्षेत्र में पहुंचा है. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की संख्या छह हो गई है. इनके अलावा एक एयरक्राफ्ट कैरियर और तीन अन्य तटीय युद्धपोत भी वहां मौजूद हैं.
ईरान की सेना को मिले 1000 नए ड्रोन
इसी बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को एक हजार नए ड्रोन मिले हैं. ईरान सैन्य टकराव की तैयारी कर रहा है, क्योंकि तेहरान को लगता है कि अमेरिका की शर्तों पर कोई समझौता करना युद्ध से ज्यादा महंगा साबित होगा. यह जानकारी तेहरान के सूत्रों ने हिज़्बुल्लाह से जुड़े अखबार 'अल अखबार' को गुरुवार को दी.
US और इजरायल की कार्रवाई से सीख लेकर तैयार किए गए ड्रोन
ईरानी सेना को मिले ड्रोन उभरते खतरों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. इन्हें जून में अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई से मिले अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है. इनका निर्माण रक्षा मंत्रालय के सहयोग से सेना के विशेषज्ञों ने किया है.
इनमें अलग-अलग श्रेणियों के ड्रोन शामिल हैं. इनमें लड़ाकू, हमला करने वाले, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े ड्रोन हैं. इन्हें जमीन, समुद्र और हवा में मौजूद स्थिर और मूविंग टारगेट्स को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.