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'ट्रंप हवा-हवाई बातें नहीं करते, ईरान पर हमला इसका सबूत', व्हाइट हाउस का बड़ा बयान

व्हाइट हाउस ने ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों का बचाव करते हुए कहा कि यह कार्रवाई कई सुरक्षा कारणों के आधार पर की गई है. प्रशासन के अनुसार, ईरान के खिलाफ इस सैन्य अभियान के चार मुख्य उद्देश्य तय किए गए थे.

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व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान के खिलाफ हमले के चार मुख्य उद्देश्य थे (Photo:ITG)
व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान के खिलाफ हमले के चार मुख्य उद्देश्य थे (Photo:ITG)

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी करोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर किए गए सैन्य हमले यह साबित करते हैं कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति कोई चेतावनी देते हैं तो उसे लागू भी करते हैं. व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लेविट ने कहा, “जब राष्ट्रपति ट्रंप धमकी देते हैं तो वह ब्लफ नहीं करते.”

उन्होंने कहा कि ईरान के ठिकानों पर हालिया हमले इस बात का उदाहरण हैं कि ट्रंप प्रशासन अपनी “रेड लाइन” को लागू करने के लिए तैयार है. लेविट के मुताबिक, आतंकवादी समूहों को लगा था कि ट्रंप भी अपने पूर्ववर्तियों की तरह सिर्फ चेतावनी देंगे, लेकिन यह उनकी बड़ी गलती साबित हुई.

ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ को बताया बड़ी सफलता

लेविट ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को अब तक बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने दुनिया के सबसे ताकतवर सैनिकों के दम पर यह कार्रवाई की है.

व्हाइट हाउस के मुताबिक इस ऑपरेशन के चार मुख्य लक्ष्य हैं:

ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करना

क्षेत्र में ईरान की नौसैनिक मौजूदगी को खत्म करना

ईरान समर्थित उग्रवादी समूहों को कमजोर करना

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ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना

ईरान पर कूटनीति ठुकराने का आरोप

लेविट ने आरोप लगाया कि ईरान के नेतृत्व ने कूटनीतिक रास्ते को ठुकरा दिया. उनके मुताबिक ईरान शांति के लिए तैयार नहीं था और वह अमेरिका व उसके सहयोगियों को धमकाने के लिए परमाणु हथियार बनाना चाहता था.

हालांकि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पहले ही कह चुके हैं कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा और इस्लामी सिद्धांतों के अनुसार सामूहिक विनाश के हथियार प्रतिबंधित हैं.

ईरानी हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण का दावा

व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान के हवाई क्षेत्र पर “पूरी तरह नियंत्रण” हासिल करने की उम्मीद कर रहा है ताकि सैन्य अभियान को आगे बढ़ाया जा सके.फिलहाल ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना की योजना नहीं

बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने कहा कि फिलहाल ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिक भेजने की कोई योजना नहीं है, हालांकि परिस्थितियों के अनुसार सैन्य विकल्प खुले रखे गए हैं.

ईरान के नेतृत्व को लेकर अटकलें

लेविट ने यह भी कहा कि ईरान के भविष्य के नेतृत्व को लेकर आ रही रिपोर्टों पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं. रिपोर्टों में सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी बनने की चर्चा है.

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ट्रंप शहीद अमेरिकी सैनिकों को देंगे श्रद्धांजलि

व्हाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के जवाबी हमलों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को सम्मान देने के लिए आयोजित समारोह में शामिल होंगे. ईरान ने कुवैत के शुआइबा पोर्ट स्थित एक ऑपरेशन सेंटर पर हमला किया था, जिसमें छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई.

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