अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो उसके साथ किसी भी तरह की डील संभव नहीं होगी. साथ ही उन्होंने दावा किया कि मौजूदा संघर्ष जल्द खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल और गैस की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी.
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता. अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम कोई डील नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है. ट्रंप के मुताबिक, 'ईरान की एयरफोर्स और रडार सिस्टम लगभग खत्म हो चुके हैं.' हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस जंग का अंतिम नतीजा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
ट्रंप ने ईरान की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को नया और पहले से ज्यादा समझदार बताते हुए कहा कि हालात तेजी से बदल सकते हैं. उन्होंने कहा, 'आखिरकार नतीजा ही मायने रखता है और यह बहुत जल्द सामने आ सकता है.'
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता है, लेकिन वह तनाव को और बढ़ाना नहीं चाहते. उन्होंने कहा, 'हम एक घंटे के भीतर उनके सभी पुल और पावर प्लांट खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करना चाहते.'
चीन को लेकर भी किया दावा
उन्होंने चीन को लेकर भी बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका बहुत समझदारी और बेहतर तरीके से साथ काम कर रहे हैं. चीन ने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है. हालिया रिपोर्ट्स में भी यह सामने आया है कि अमेरिका ने बीजिंग से ईरान को हथियार सप्लाई न करने का आग्रह किया था.
ट्रंप ने एक और अहम दावा करते हुए कहा कि चीन इस बात से बहुत खुश है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खुला रखने की दिशा में काम कर रहा है. गौरतलब है कि यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है और मौजूदा युद्ध के चलते यहां भारी तनाव बना हुआ है.
तेल की कीमतों को लेकर की भविष्यवाणी
इसी के साथ ट्रंप ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही ईरान के साथ चल रहा संघर्ष खत्म होगा, कच्चे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट आएगी. ट्रंप ने कहा, 'जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, तेल की कीमतें बहुत तेजी से गिरेंगी. मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द खत्म हो सकता है. मौजूदा समय में अमेरिका में गैस की कीमतें लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर चल रही हैं, लेकिन आने वाले चुनावों तक इसमें बड़ी राहत देखने को मिल सकती है.'
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर असर पड़ने से वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है.
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाइयों को लेकर अन्य देशों से उन्हें कोई खास विरोध नहीं मिला है.
इससे पहले रविवार को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि नवंबर में होने वाले संसदीय चुनावों तक ईंधन की कीमतें या तो मौजूदा स्तर पर रहेंगी या थोड़ा बढ़ सकती हैं. इस बयान के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
हालांकि बाद में व्हाइट हाउस में रिकॉर्ड किए गए एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने सफाई दी और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी नीति और रणनीति का मकसद ही तेल और गैस की कीमतों को कम करना है.