पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सेना और सरकार के दबाव के बीच इमरान अंदरूनी दिक्कतों से भी जूझ रहे हैं. उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की वरिष्ठ नेता शिरीन मजारी ने पार्टी और राजनीति दोनों छोड़ने का ऐलान कर दिया है.
मजारी को नौ मई को हुई हिंसा के बाद पीटीआई के खिलाफ कार्रवाई के चलते बीते हफ्ते में पांच बार गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मजारी ने बाद में नौ मई को हुई हिंसा की निंदा की थी, जिसके बाद से ही मजारी के अलग होने के कयास लगने शुरू हो गए थे.
उन्होंने कहा था कि मैं नौ और 10 मई को देश में हुई हिंसा की निंदा करती हूं. मैंने सिर्फ नौ और दस मई की ही नहीं बल्कि संसद, सुप्रीम कोर्ट और जीएचक्यू पर हुई हिंसा की भी हमेशा निंदा की है.
पारिवारिक कारणों का दिया हवाला
पीटीआई की वरिष्ठ नेता और इमरान सरकार में मानवाधिकार मंत्री रह चुकी मजारी को हाल के दिनों में कई बार गिरफ्तार किया गया था. मजारी ने स्वास्थ्य दिक्कतों और बेटी इमान जैनाब मजारी की परेशानियों का हवाला देकर सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है.
उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब वह पीटीआई या किसी अन्य पार्टी का हिस्सा नहीं रहेंगी.मजारी ने कहा कि अगर मेरे शौहर डॉ ताबिश जिंदा होते तो मैं राजनीति में कई चीजें करती क्योंकि वह हर वक्त बच्चों के साथ रहते थे. लेकिन उनके जाने के बाद अब मेरे बच्चे और मेरी मां और मेरा स्वास्थ्य ही मेरी प्राथमिकता है. बता दें कि मजारी के पति का पांच महीने पहले इंतकाल हो गया था.
इमरान खान को झटके पर झटका
पीटीआई पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता मियां जलील शराकपुरी ने भी नौ मई की हिंसा के बाद पार्टी से अलग होने का ऐलान किया.
उन्होंने कहा कि मैं अब इमरान खान और पीटीआई के साथ काम नहीं कर सकता.
इतना ही नहीं शराकपुरी ने पार्टी में मौजूद अपने साथियों को भी सलाह दी कि वे भी इमरान का साथ छोड़ दें. इमरान की विचारधारा का त्याग कर दें.
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को अल कादिर ट्रस्ट मामले में नौ मई को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) और पाक रेंजर्स ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया, जिसके बाद से देशभर में जमकर बवाल हुआ था.
पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में बड़ी तादाद में इमरान खान के समर्थक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान पीएम शहबाज शरीफ के आवास पर भी पेट्रोल बम फेंके गए थे. साथ ही कमांडर हाउस को निशाना बनाया गया था. पुलिस ने कमांडर के घर पर हमले में शामिल 14 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो जमान पार्क से भागने की कोशिश कर रहे थे.