जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. ऐसे में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन,चीन, फ्रांस और यूरोपीय संघ ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान से अत्याधिक संयम बरतने और परमाणु शक्ति सम्पन्न दोनों पड़ोसी देशों से सैन्य गतिविधि बढ़ाने से बचने का आग्रह किया. दूसरी ओर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को चीन में रूस और चीन के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की और उन्हें ताजा हालात की जानकारी दी.
तनाव बढ़ने से चिंतित अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों से अलग अलग बात की और उनसे सैन्य गतिविधि से बचने का आग्रह किया. लंदन में प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से ब्रिटेन चिंतित है और उन्होंने परमाणु ताकत वाले इन देशों से तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरतने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए वार्ता एवं कूटनीतिक हल ढूंढने की अपील की है. वहीं ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की राजनयिक प्रमुख फेडेरिका मोघरेनी ने भारत और पाकिस्तान से अत्याधिक संयम बरतने का आग्रह किया.
रूसी विदेश मंत्रालय के सूचना विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, 'हम मित्र देशों भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं. हम चाहते हैं कि दोनों देश संयम बरतें और मौजूदा समस्या राजनीतिक और रायनयिक तरीके से हल करने के प्रयासों को आगे बढ़ाएं. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूस नई दिल्ली और इस्लामाबाद की आतंक विरोधी क्षमता बढ़ाने में मदद करने के लिए तैयार है.
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने भारत-पाक के बीच सीमा पर तनाव बढ़ने के मद्देनजर कहा कि ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान ने कहा है कि उसने भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया है और भारतीय पायलटों को पकड़ लिया है. उन्होंने कहा कि चीन का रूख स्पष्ट है. हम आशा करते हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों संयम बरतेंगे और बातचीत को प्रोत्साहित करने वाले कदम उठाएंगे. दोनों देश दक्षिण एशिया में स्थाई शांति एवं स्थितरता के लिए प्रयास करेंगे.
वहीं फ्रांस ने भी भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की थी ताकि सैन्य टकराव के किसी भी जोखिम को टाला जा सके और क्षेत्र में सामरिक स्थिरता की रक्षा की जा सके. इसके साथ ही फ्रांस ने भारत की जवाबी कार्रवाई को सही मानते हुए कहा था कि फ्रांस सीमा पार आतंकवाद से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भारत के औचित्य को मान्यता देता है और पाकिस्तान से अपने भूभाग में स्थापित आतंकवादी समूहों को खत्म करने को कहता है.
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह तड़के भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद बुधवार को पाकिस्तानी वायुसेना के विमान ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की जिसका भारतीय वायुसेना की तरफ से मुंहतोड़ जवाब दिया गया. लेकिन भारत के इस जवाबी हमले में एक लड़ाकू विमान पाकिस्तान ने नष्ट कर दिया और वायुसेना के फाइटर पायलट को पकड़ लिया.
ऐसी परिस्थिति में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है. क्रिया और प्रतिक्रिया के इस दौर में अतंरराष्ट्रीय समुदाय की कोशिश है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को खत्म किया जाए. लिहाजा दुनिया के बड़े देशों की तरफ से दोनों देशों को संयम बरतने की सलाह दी जा रही है.