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PM मोदी ने सुनाई सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी- PAK को फोन कर कहा था लाशें उठवा लो

प्रधानमंत्री ने बताया कि जब हमारे जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तो भारत में मीडिया या लोगों को बताने से पहले हमने पहले पाकिस्तान को बताया. हमने उनकी सेना को फोन किया और कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक की है, अगर समय हो तो वहां से लाशें उठा लो. 

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जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी तब नवाज़ शरीफ PAK के प्रधानमंत्री थे (File Photo)
जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी तब नवाज़ शरीफ PAK के प्रधानमंत्री थे (File Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात को लंदन में 'भारत की बात, सबके साथ' कार्यक्रम के जरिए दुनिया को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रसून जोशी के साथ कई मुद्दों पर बात की. पीएम मोदी ने इस मंच से पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर लताड़ा और सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी भी बताई.

प्रधानमंत्री ने बताया कि जब हमारे जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया तो भारत में मीडिया या लोगों को बताने से पहले हमने पहले पाकिस्तान को बताया. हमने उनकी सेना को फोन किया और कहा कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक की है, अगर समय हो तो वहां से लाशें उठा लो. 

मोदी ने कहा कि के बाद हम पाकिस्तान को 11 बजे से ही फोन कर रहे थे, लेकिन वे फोन पर आने से भी डरे हुए थे. 12 बजे हमने उनसे बात की और तब भारतीय मीडिया को बताया गया. (यहां देखें वीडियो...)

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सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपनी सेना पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने सटीकता के साथ सर्जिकल हमलों को अंजाम दिया और सुबह होने से पहले ही अपना काम पूरा कर वह लौट आई. PM ने बताया कि जो प्लान बनाया गया था, वह 100 फीसदी पूरा हुआ और एक फीसदी भी गलती नहीं हुई.

ने पाकिस्तान को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंक का निर्यात करने वालों को मोदी उसी की भाषा में जवाब देना जानता है.  

मोदी ने जवाब में कहा कि जिन्हें आतंक का निर्यात पसंद है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत बदल गया है और उनके पुराने तौर-तरीकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम शांति में यकीन रखते हैं, लेकिन हम आतंक का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम उन्हें करारा जवाब देंगे और उसी भाषा में देंगे जिसे वे समझते हैं. आतंकवाद कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि भारत ने 28 और 29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा के पार जाकर सात आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी. यह सेना की उन आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई थी, जो नियंत्रण रेखा के रास्ते भारत में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहे थे.

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