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ग्लासगो: PM मोदी का क्लाइमेट चेंज पर संबोधन, मिस नहीं की जा सकतीं ये 7 बातें

एक तरफ पीएम मोदी ने पर्यावरण हित के लिए उठाए गए भारत के फैसलों का जिक्र किया, वहीं उन्होंने पूरी दुनिया को भी पेरिस एग्रीमेंट की याद दिलाई.

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पीएम नरेंद्र मोदी ( एपी/पीटीआई) पीएम नरेंद्र मोदी ( एपी/पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी का क्लाइमेट चेंज पर अहम संदेश
  • दुनिया को आईना, भारत की तारीफ

ग्लासगो में आयोजित 'वर्ल्ड लीडर समिट ऑफ कोप-26' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने सभी का ध्यान खींचा. उन्होंने अपने भाषण में हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और पूरी दुनिया को भी अहम संदेश दिया. एक तरफ उन्होंने पर्यावरण हित के लिए उठाए गए भारत के फैसलों का जिक्र किया, वहीं उन्होंने पूरी दुनिया को भी पेरिस एग्रीमेंट की याद दिलाई.

पीएम मोदी के संबोधन की 7 बड़ी बातें यहां जानें

1. पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान One-Word Movement शुरू करने का प्रस्ताव रखा. वो एक शब्द है- LIFE. पीएम ने इसका मतलब बताया Lifestyle For Environment. अब इस मंत्र के जरिए पीएम मोदी ने पूरी दुनिया को महात्मा गांधी की बड़ी सीख याद दिला दी है. वे पर्यावरण की रक्षा तो चाहते ही हैं, इसके साथ-साथ इसे एक जन आंदोलन का रूप देना चाहते हैं.

2. संबोधन के दौरान पीएम ने क्लाइमेट फाइनेंस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये सच्चाई हम सभी जानते हैं कि क्लाइमेट फाइनेंस को लेकर आज तक किए गए वादे, खोखले ही साबित हुए हैं. जब हम सभी क्लाइमेट एक्शन पर अपनी महत्वकांक्षा बढ़ा रहे हैं, तब क्लाइमेट फाइनेंस पर विश्व की महत्वकांक्षा वही नहीं रह सकते जो पेरिस अग्रीमेंट के समय थे. अब इस एक बयान से पीएम ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि दुनिया के कई विकसित देश अभी भी क्लाइमेट चेंज को लेकर ज्यादा सर्तक नहीं हैं. उनकी तरफ से और ज्यादा कोशिश और प्रयास की जरूरत है.

3. पीएम मोदी ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2070 तक भारत, नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा. अब ये सिर्फ एक ऐलान नहीं है, बल्कि भारत का दुनिया के लिए वो तोहफा है जिससे क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लड़ने में काफी मदद मिलने वाली है. भारत कहने को एक विकासशील देश है, लेकिन वो पूरी दुनिया को राह दिखाने का काम कर रहा है.

4. मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया है कि भारत, 2030 तक अपनी Non-Fossil Energy Capacity को 500 गीगावाट तक पहुंचाएगा. अब यहां ये जानना जरूरी है कि भारत ने असल में टारगेट 450 GW का रखा है. लेकिन अब एक कदम आगे बढ़कर इसे 500 गीगावाट तक पहुंचाने पर विचार किया जा रहा है. इस सब के अलावा अब 2030 तक भारत अपनी 50 प्रतिशत energy requirements, renewable energy से पूरी करेगा. इस दिशा में भारत के कदम तेज गति से बढ़ चुके हैं.

5. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने सिर्फ अपनी उपलब्धियां नहीं गिनवाईं बल्कि कई ऐसे टारगेट भी सेट कर दिए जिससे क्लाइमेट चेंज के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत किया जा सके. पीएम ने कहा कि भारत अपने कार्बन इमिशन को 45 प्रतिशत तक कम करेगा. ये टारगेट भारत 2030 तक हासिल करेगा.

6. कई मौके ऐसे भी देखने को मिले जब अपने संबोधन के जरिए पीएम ने सीधे लोगों से संवाद करने का प्रयास किया. पेरिस एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ये सिर्फ एक एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि उनके लिए सेंटिमेंट हैं. उन्होंने कहा कि भारत अकेला ऐसा देश है जिसने पेरिस एग्रीमेंट के वक्त किए गए वादों को पूरा किया.

7. प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व से कहा कि ये एक नया भारत है जो अब क्लाइमेंट चेंज को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएं बनाता है. फिर चाहे LED के जरिए बड़ी मात्रा में इमिशन को बचाया गया हो, फिर चाहे 2030 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा हो, हर पहल इस ओर इशारा करती है कि भारत अब आगे से लीड करने में विश्वास रखता है.

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