प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोम में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत और इटली के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का ऐलान किया. साथ ही उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को भारत आने का न्योता भी दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक अपग्रेड करने का फैसला किया है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा. उन्होंने इटली में अपने और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी का आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि रोम को दुनिया में 'इटरनल सिटी' के रूप में जाना जाता है, जबकि भारत में काशी को भी अनादि और शाश्वत नगर माना जाता है. जब दो प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं तो बातचीत केवल एजेंडा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की दृष्टि और मित्रता की सहजता भी दिखाई देती है.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में उन्हें कई बार प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला है और यह भारत-इटली संबंधों की गहराई को दर्शाता है. मेलोनी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और इटली ने 'जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029' पर विस्तार से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि यह योजना दोनों देशों की साझेदारी को व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख ढांचा प्रदान करेगी. दोनों देश तय समयसीमा के भीतर इस योजना को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और दोनों देश 20 बिलियन यूरो के व्यापार लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भारत में मौजूद 800 से अधिक इटालियन कंपनियां भारत की ग्रोथ स्टोरी में सक्रिय भागीदार बन रही हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिजनेस फोरम में दोनों देशों के उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स के बीच नए उत्साह, नए कॉन्फिडेंस और नई महत्वाकांक्षा का माहौल देखने को मिला. इटली दुनिया में डिजाइन और प्रिसिजन के लिए जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और अफोर्डेबल इनोवेशन का पावरहाउस है.
उन्होंने कहा कि भारत और इटली 'डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड' के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे. फैशन से लेकर फिनटेक, लेजर से लेकर लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक दोनों देश अपनी ताकतों को जोड़कर पूरी मानवता के हित में काम करेंगे.
पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में इटली के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी का विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि दोनों देश इस समझौते के जल्द से जल्द कार्यान्वयन के लिए मिलकर काम करेंगे ताकि दोनों देशों की बिजनेस कम्युनिटीज इसका अधिकतम लाभ उठा सकें.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भारत-इटली साझेदारी का इंजन हैं. उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. दोनों देशों के स्टार्टअप्स, रिसर्च सेंटर्स और उद्योगों को जोड़ने के लिए 'इंडिया-इटली इनोवेशन सेंटर' पर काम किया जा रहा है.
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के साथ-साथ रक्षा उद्योगों के बीच भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप से को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का रास्ता खुला है. उन्होंने कहा कि समुद्री शक्तियों के रूप में भारत और इटली के बीच कनेक्टिविटी और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग स्वाभाविक है.
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर शिपिंग मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी पर काम करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत और इटली अपनी साझेदारी को तीसरे देशों तक भी ले जाने पर सहमत हुए हैं और इस दिशा में अफ्रीका में ठोस परियोजनाओं पर साथ काम किया जाएगा.
आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली दोनों इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर चुनौती है. उन्होंने कहा कि टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ दोनों देशों की साझा पहल पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन रही है. भारत और इटली ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा नहीं करते, बल्कि उसके वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं.
यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लगातार संपर्क बनाए हुए है और भारत का स्पष्ट मत है कि हर समस्या का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए.
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इटली के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक रिश्ते हैं. उन्होंने कहा कि इटली में भारतीय कला, योग, आयुर्वेद और भारतीय खानपान के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है.
उन्होंने कहा कि संस्कृत और लैटिन जैसी प्राचीन भाषाएं एक ही भाषा परिवार से आती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि भारत और इटली का रिश्ता केवल कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा हुआ है.
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि अगले वर्ष भारत और इटली के संबंधों की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 'ईयर ऑफ कल्चर' मनाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी. उन्होंने इटली में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के रिश्तों की जीवंत कड़ी बताया और उनकी देखभाल के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी और इटली की जनता का आभार व्यक्त किया.
पीएम मोदी ने कहा कि तीन साल पहले हुए 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट' के बाद दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही बढ़ी है और यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा. अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री मेलोनी का उपयोगी बैठक और मित्रता के लिए धन्यवाद किया. उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री को 140 करोड़ भारतीयों की ओर से भारत आने का निमंत्रण भी दिया.