
पाकिस्तान के कराची शहर के सद्दर इलाके में स्थित गुल शॉपिंग प्लाज़ा में शनिवार रात भीषण आग लगने की घटना ने पूरे देश को झकझोरकर रख दिया. इस अग्निकांड में अब तक कुल 61 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. आग सबसे पहले प्लाज़ा के बेसमेंट में लगी और कुछ ही घंटों में पूरे मॉल में फैल गई. दमकल विभाग को इस आग पर काबू पाने में लगभग 36 घंटे का समय लगा, जिससे इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
इस दुखद हादसे में सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना रही है. सिंध पुलिस की सर्जन डॉ. सुमैया सैद ने बताया कि मिले 61 शवों में से केवल 12 की ही पहचान संभव हो सकी है. अन्य शव इतने क्षतिग्रस्त और जल चुके थे कि केवल शरीर के टुकड़े ही मिले हैं. इसलिए पुलिस ने उन परिवारों के 50 सदस्यों से डीएनए सैंपल लिए हैं, जिनके परिजन अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, ताकि शवों से मिलान किया जा सके.
कराची के कमिश्नर सैयद हसन नकवी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बताया कि इस मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग बेसमेंट में स्थित खिलौनों और बच्चों के कपड़ों की दुकान से शुरू हुई, जो खुले वायरिंग की वजह से शॉर्ट सर्किट के कारण तेजी से फैल गई.

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यह शॉपिंग प्लाज़ा करीब 8,000 वर्ग गज क्षेत्र में फैला था, जिसमें लगभग 1,200 दुकानें थीं. रेस्क्यू टीम अब भी मलबे की खोज में जुटी है और थर्मल इमेजिंग कैमरे, विशेष कटर जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है.
कराची महानगरपालिका के फायर ऑफिसर के अनुसार, सभी लापता लोगों का पता लगाने में 10 से 15 दिन और लग सकते हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि राहत और खोज कार्य तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी तरह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता.
इनपुट: पीटीआई