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लोहे के चने चबाने के बाद आखिरकार पाकिस्तान को मिली ये बड़ी कामयाबी

पाकिस्तान और IMF के बीच तीन अरब बेलआउट पैकेज के लिए स्टाफ लेवल का एग्रीमेंट हो गया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पर खुशी जताते हुए कहा है कि इससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति ठीक होगी. पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा (Photo- Reuters)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा (Photo- Reuters)

पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच महीनों चली बातचीत के बाद तीन अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए एक समझौता हो गया है. दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार को स्टाफ लेवल का एग्रीमंट हो गया है जिसकी जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दी है. उन्होंने कहा है कि इससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

शहबाज शरीफ ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'अल्हम्दुलिल्लाह! मुझे इसकी घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पाकिस्तान आईएमएफ के साथ नौ महीने की 3 अरब स्टैंड-बाय एग्रीमेंट को लेकर एक स्टाफ लेवल एग्रीमेंट पर पहुंच गया है. यह समझौता पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में मदद करेगा, पाकिस्तान को आर्थिक स्थिरता हासिल करने में सक्षम बनाएगा और देश को स्थायी आर्थिक विकास के रास्ते पर ले जाएगा.... इंशाअल्लाह.'

उन्होंने आगे लिखा, 'मैं इस समझौते के लिए वित्त मंत्री इशाक डार और वित्त मंत्रालय की उनकी टीम के प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना करना चाहूंगा. मैं आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जीवा और उनकी टीम को भी धन्यवाद देना चाहूंगा, खासकर पिछले हफ्ते उनके सहयोग के लिए.'

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएप जुलाई के महीने में इस डील को अपनी मंजूरी देगा. दोनों पक्षों के बीच यह डील आठ महीनों की बातचीत के बाद हुई है जिसने विदेशी मुद्रा की भारी कमी से जूझ रहे पाकिस्तान को भारी राहत दी है. 

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समझौते को लेकर पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने अल्लाह का शुक्रिया करते हुए लिखा, 'अल्हम्दुलिल्लाह!' डार ने गुरुवार को ही कहा था कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच जल्द ही समझौता होने वाला है.

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान पिछले कई दशकों में अपने सबसे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है. उसके पास एक महीने से भी कम समय के विदेशी आयात के लिए विदेशी मुद्रा का भंडार बचा है. देश में महंगाई और गरीबी इतनी बढ़ गई है कि लोग मुफ्त और सब्सिडी वाले आटे के लिए मरने-मारने पर उतारू हैं. विश्लेषकों का कहना था कि अगर जल्दी ही आईएमएफ से बेलआउट पैकेज के लिए डील नहीं हुआ तो वो डिफॉल्ट कर जाएगा.

पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच साल 2019 में 6.5 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज पर सहमति बनी थी. सहमति के अनुसार, पाकिस्तान 2.5 अरब डॉलर की किस्त का लंबे समय से इंतजार कर रहा था लेकिन दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बन पा रही थी. लेकिन अब जब सहमति बनी है, पाकिस्तान को उम्मीद से अधिक, तीन डॉलर का बेलआउट पैकेज मिल रहा है.

आईएमएफ अधिकारी ने क्या कहा?

आईएमएफ के अधिकारी नाथन पोर्टर ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच बनी नई स्टैंड-बाय व्यवस्था 2019 के बेलआउट प्रोग्राम पर आधारित है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को हाल के दिनों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें पिछले साल विनाशकारी 
बाढ़ और यूक्रेन में युद्ध के बाद वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल शामिल है.

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पोर्टर ने एक बयान में कहा, 'आयात और व्यापार घाटे को कम करने के अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बहुत निचले स्तर तक गिर गया है. बिजली क्षेत्र की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है. इन चुनौतियों को देखते हुए, नई व्यवस्था आने वाले समय में पाकिस्तान के बहुपक्षीय और द्विपक्षीय भागीदारों से वित्तीय सहायता के लिए एक रूपरेखा प्रदान करेगी.'

इस साल की शुरुआत में आईएमएफ की एक टीम डील पर सहमति बनाने के लिए पाकिस्तान पहुंची थी. इसके बाद से आईएमएफ के कहे अनुसार, पाकिस्तान ने कई कदम उठाएं हैं. इसी के तहत पाकिस्तान की सरकार ने 2023-24 बजट में संशोधन किया था. 

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