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नेपाल में शिक्षा माफिया पर बालेन सरकार का शिकंजा, 15 दिनों में कोचिंग सेंटर बंद करने का आदेश

नेपाल सरकार ने एंट्रेंस की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर्स और ब्रिज कोर्स को 15 दिनों के भीतर पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है. शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि ये संस्थान छात्रों पर मानसिक दबाव डालते हैं और अभिभावकों पर फालतू का आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं. सभी संस्थानों को 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है, जिसके बाद नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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बालेन सरकार का बड़ा फैसला, एंट्रेंस और ब्रिज कोर्स पर लगा बैन (File Photo: PTI)
बालेन सरकार का बड़ा फैसला, एंट्रेंस और ब्रिज कोर्स पर लगा बैन (File Photo: PTI)

नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग धंधे पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर छात्रों और उनके माता-पिता को लूटना आसान नहीं होगा. शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक  फरमान जारी करते हुए सभी कोचिंग सेंटर्स को अगले 15 दिनों के भीतर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने यानी पूरी तरह बंद करने का आदेश दे दिया है.

सरकार का कहना है कि ये कोचिंग सेंटर्स पढ़ाई के नाम पर छात्रों के दिमाग पर न सिर्फ गलत असर डाल रहे हैं, बल्कि उनके परिवार वालों पर भारी आर्थिक बोझ भी डाल रहे हैं. असल में, स्कूल और कॉलेज में एडमिशन शुरू होने से पहले ही ये संस्थान सक्रिय हो जाते हैं और एडमिशन दिलाने के बहाने छात्रों पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर देते हैं.

नियम तोड़ा तो होगी कानूनी कार्रवाई

मंत्रालय ने अपने बयान में दो टूक कहा है कि कोचिंग सेंटर के नाम पर कुछ शिक्षा माफिया अपना धंधा चलाकर मोटा मुनाफा कूट रहे हैं, जबकि इससे छात्रों को कोई खास फायदा नहीं होता. सरकार का मानना है कि इस तरह के शॉर्ट-कट कोर्स बच्चों के मानसिक विकास और शिक्षा के समान अवसर के अधिकार में बाधा डालते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने सभी संस्थानों को 14 अप्रैल तक का समय दिया है.

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सिर्फ आदेश ही नहीं दिया गया है, बल्कि बाकायदा निगरानी के निर्देश भी जारी किए गए हैं. जिला प्रशासन को साफ कह दिया गया है कि अगर 14 अप्रैल के बाद भी कोई संस्थान चोरी-छिपे ये कोर्स चलाता हुआ मिला, तो उस पर कानून के हिसाब से सख्त एक्शन लिया जाएगा. कुल मिलाकर, बालेन सरकार ने संदेश दे दिया है कि शिक्षा अब कमाई का जरिया नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य का रास्ता होनी चाहिए.

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