भारत के साथ तनाव के बीच मालदीव मैरीटाइम सिक्योरिटी के मोर्चे पर सहयोग स्थापित करने के नजरिए से एक "दोस्ती" अभियान की मेजबानी कर रहा है. इस अभियान में भारत और श्रीलंका भी शामिल हुए हैं. मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून ने कहा कि इससे साझा समुद्री सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में एकजुटता बढ़ेगी. इस अभ्यास का दो साल में एक बार आयोजन किया जाता है.
मालदीव में 'दोस्ती' अभियान गुरुवार को शुरू हुआ है और रविवार तक जारी रहेगा. इस अभियान में भारतीय तटरक्षक जहाज समर्थ और आईसीजीएस अभिनव ने हिस्सा लिया है. वहीं श्रीलंका की तरफ से नौसेना जहाज समुदुरा अभ्यास 'दोस्ती-16' में शामिल हुए हैं. इस अभियान में बांग्लादेश एक ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुआ है.
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25 फरवरी तक चलेगा तीन देशों का 'दोस्ती' अभियान
श्रीलंका ने 'दोस्ती-16' अभियान को त्रिपक्षीय अभ्यास बताया है, जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत, श्रीलंका और मालदीव में कोस्ट गार्ड के बीच आपसी सहयोग, दोस्ती और आपसी परिचालन क्षमता में सुधार करना है. मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स की तरफ से कहा गया है कि 22 से 25 फरवरी के बीच अभियान में शामिल होने वाले देशों के कोस्ट गार्ड के बीच समुद्री गतिविधियों को बढ़ाने का अवसर मिलेगा.
22 फरवरी को हुआ 'दोस्ती-16' का उद्घाटन
समुद्री गतिविधियों से कोस्ट गार्ड्स के बीच समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा चुनौतियों का जवाब देने के लिए उनकी सामूहिक क्षमता बढ़ेगी." मालदीव सरकार के मंत्री, साथ ही रक्षा बल के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल अब्दुल रहीम अब्दुल लतीफ, रक्षा बल के उप प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम हिल्मी, भारतीय तट रक्षक के अतिरिक्त महानिदेशक एडीजी एस परमेश और कुछ विदेशी राजदूत 22 फरवरी को आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे.
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मालदीव चाहता है 'बनी रहे शांति'
भारत, मालदीव और श्रीलंका के बीच चल रहे 'दोस्ती' अभियान के सहारे खोज और बचाव, समुद्री डकैती का मुकाबला, मानवीय मदद और आपदा की स्थिति में क्षेत्रीय सहोयग को बढ़ावा मिलेगा. मालदीव के रक्षा मंत्री मौमून ने कहा, "राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू का प्रशासन यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देता है कि मालदीव और पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ संबंध, शांति और स्थिरता बनी रहे."