ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच अब एक नया कूटनीतिक मोड़ सामने आया है. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपनी "रेड लाइन्स" यानी बातचीत की स्पष्ट सीमाएं और शर्तें बता दी हैं. ईरान की तरफ से यह संदेश विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्लामाबाद के रिवर्स दौरे के दौरान भेजा गया है.
ईरान की सरकारी फारस न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह संदेश लिखित रूप में अमेरिका तक पहुंचाया गया. इसमें खास तौर पर परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मुद्दों पर ईरान की स्थिति साफ की गई है. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी औपचारिक बातचीत का हिस्सा नहीं है, बल्कि सिर्फ अपनी स्थिति को स्पष्ट करने की पहल है.
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अराघची पूरी तरह से तय "रेड लाइन्स" और अपने कूटनीतिक अधिकारों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं. यानी ईरान किसी भी दबाव में आकर अपने मूल मुद्दों पर समझौता करने के मूड में नहीं है. ईरान की तरफ से यह भी कोशिश है कि अलग-अलग चरणों में बातचीत आगे बढ़े.
बातचीत जारी रखने के लिए ईरान की शर्तें!
एक यूएस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका से कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार है, लेकिन परमाणु मामले पर बाद में बात होगी. बीते दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी स्पष्ट किया था कि अमेरिका को सबसे पहले ईरानी पोर्ट से ब्लॉकेड हटाने होंगे. इसके बाद ही किसी तरह की आगे की बातचीत संभव हो सकती है.
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के "न्यूक्लियर डस्ट" पर नियंत्रण हासिल करेगा. ट्रंप ने बीते दिनों सीजफायर को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि ईरान को ऐसा प्रस्ताव पेश करना होगा, जो अमेरिका को संतुष्ट करे. अब देखने वाली बात होगी कि ईरान के ताजा प्रस्ताव पर वह क्या कदम उठाते हैं.
अब मॉस्को पहुंचे अब्बास अराघची
इस्लामाबाद के अपने दौरे के बाद ईरान के विदेश मंत्री अराघची अब मॉस्को पहुंचे हैं. उनके मंत्रालय ने कहा कि वे एक राजधानी से दूसरी राजधानी जाते रहे क्योंकि मध्यस्थों को उम्मीद थी कि तेहरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता जारी रहेगी. हालांकि, खबर लिखे जाने तक अमेरिका-ईरान में किसी तरह की वार्ता नहीं हो रही है.
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ईरानी राजदूत के मुताबिक, अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी राजधानी की यात्राओं के बीच ओमान के मस्कट का दौरा भी किया, और सोमवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने वाले हैं. हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका-ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू होगी या नहीं. इससे पहले शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की