ईरान में लगातार बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन कर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. इस बारे में जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा कर जानकारी दी है. उधर, ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर में स्थित एयरबेस से अमेरिकी सैन्य कर्मियों को सतर्कता के लिए हटाने की सलाह दी है.
ईरानी विदेश मंत्री के फोन कॉल के बारे में जानकारी देते हुए जयशंकर ने एक्स पर लिखा, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया. हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की.
ईरान में 280 जगहों पर हो रही घातक झड़पों को देखते हुए भारतीय दूतावास ने नागरिकों को अपने पासपोर्ट और पहचान पत्र तैयार रखने को कहा है.
भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. दूतावास ने स्पष्ट किया है कि नागरिक व्यावसायिक उड़ानों का इस्तेमाल कर तुरंत देश से बाहर निकलें. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरने वालों का आंकड़ा ढाई हजार पार हो गया है.
दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपने पासपोर्ट और पहचान पत्र सहित यात्रा और आव्रजन संबंधी दस्तावेज अपने पास रखें. इस संबंध में किसी भी सहायता के लिए वे भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं.
दूतावास ने सभी नागरिकों को विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है. साथ ही कहा गया है कि ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी घटनाक्रम के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए.
इस बीच ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से तत्काल निकासी अभियान शुरू करने की अपील की है. एसोसिएशन ने कहा कि सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और छात्रों की जान को खतरा मंडरा रहा है.
पीछे न हटें प्रदर्शनकारी: ट्रंप
उधर, मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने संस्थानों पर कब्जा कर लें और पीछे न हटें. ट्रंप ने बिना विस्तार दिए कहा, 'मदद रास्ते में है.'
इसके बाद बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदैद एयरबेस से कुछ कर्मचारियों को सतर्कता के तौर पर निकालने की सलाह दी. ये कदम ईरान की ओर से पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की खुली धमकी के बाद उठाया गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरानी धरती पर हमला किया तो उसके सैन्य अड्डों को निशाना बनाया जाएगा.
20 दिनों से जारी हैं विरोध प्रदर्शन
दरअसल, ईरान में महंगाई और खामेनेई शासन के खिलाफ पिछले 20 दिनों से प्रदर्शन जारी है. पूरे ईरान में 280 जगहों पर हुई घातक झड़पों के कारण स्थिति और बिगड़ गई है. प्रदर्शनों में अब तक 2,500 लोगों की मौत की भी खबरें सामने आ रही हैं.