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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा का पहला बयान- खाड़ी देशों पर हमले नहीं रुकेंगे, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद रखेंगे

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान अपने शहीदों, खासकर युद्ध में मारे गए बच्चों का बदला जरूर लेगा और क्षेत्र में अपने दुश्मनों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा.

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मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को सख्त संदेश दिया है (File Photo- ITG)
मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल को सख्त संदेश दिया है (File Photo- ITG)

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब एक निर्णायक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान अपने शहीदों, खासकर युद्ध में मारे गए बच्चों का बदला जरूर लेगा और क्षेत्र में अपने दुश्मनों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा.

हालांकि इस दौरान खामेनेई कैमरे पर नहीं दिखे. इजरायली इंटेलिजेंस ने हाल ही में दावा किया था कि युद्ध की शुरुआती गोलाबारी में वह शायद घायल हो गए थे.

मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश की शुरुआत अल्लाह के नाम से करते हुए कहा कि ईरान न्याय और शांति की राह पर चलता रहेगा, लेकिन अपने दुश्मनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखा जाना चाहिए. यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति गुजरती है, इसलिए इस बयान को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

‘शहीदों का बदला लेकर रहेंगे’

अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए लोगों का बदला लेना ईरान की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, 'हम अपने शहीदों के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे, खासकर मिनाब में शहीद हुए लोगों और बच्चों की शहादत का बदला जरूर लिया जाएगा.'

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उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों (खाड़ी देशों) के साथ दोस्ताना संबंधों में विश्वास करता है, लेकिन जो सैन्य ठिकाने (खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस) ईरान के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे हैं, उन्हें निशाना बनाना जारी रहेगा.

अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करने की मांग

नए सुप्रीम लीडर ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो ईरान अपनी अन्य सैन्य और क्षेत्रीय क्षमताओं को भी सक्रिय करेगा. अपने संदेश में उन्होंने ईरानी सेना और सुरक्षा बलों का धन्यवाद किया और कहा कि देश की रक्षा के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं.

साथ ही उन्होंने ईरान के लोगों से अपील की कि वे देशभर में आयोजित रैलियों में रिकॉर्ड संख्या में हिस्सा लें और यह दिखाएं कि देश बाहरी दबाव के सामने एकजुट है.

अपने संबोधन के अंत में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि मौजूदा संघर्ष में ईरान को अपने दुश्मनों को हराना होगा. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सैन्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है.

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