ईरान की इस्लामिक ईरान नेशन यूनियन पार्टी ने अपनी महासचिव अजार मंसूरी की रिहाई की मांग की है. Shargh अखबार ने सोमवार को यह जानकारी दी. मंसूरी को रिफॉर्म फ्रंट के अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया है. रिफॉर्म फ्रंट ईरान के सुधारवादी और उदारवादी गुटों का एक साझा मंच है.
पिछले महीने हुए आंदोलन के बाद, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे हिंसक प्रदर्शन माना जा रहा है, सरकार आगे के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और डराने-धमकाने का अभियान चला रही है. इस दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
रिफॉर्म फ्रंट के चार नेता अरेस्ट
सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि रिफॉर्म फ्रंट के तीन वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. इनमें इब्राहिम असगरजादेह, मोहसेन अमीनजादेह और अजार मंसूरी शामिल हैं, जो इस फ्रंट की प्रमुख की भूमिका भी निभा रही थीं. अखबार के मुताबिक, रिफॉर्म फ्रंट के कम से कम दो और सदस्यों को मंगलवार को तेहरान की एविन जेल स्थित अभियोजक कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है.
मंसूरी के वकील होज्जत केरमानी ने सोमवार को बताया कि रिफॉर्म फ्रंट के प्रवक्ता जवाद इमाम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों पर क्या आरोप लगाए गए हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
क्यों हुई गिरफ्तारी?
केरमानी ने ईरानियन लेबर न्यूज एजेंसी (आईएलएनए) से कहा, 'हमें मूल रूप से यह भी नहीं पता कि इन गिरफ्तारियों की वजह क्या है, क्योंकि रिफॉर्म फ्रंट ने हालिया घटनाओं यानी प्रदर्शनों को लेकर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. हो सकता है कि कुछ व्यक्तियों ने अपने निजी विचार रखे हों.'
इस बीच, न्यायपालिका से जुड़े मीडिया आउटलेट Mizan ने रविवार को कहा कि 'जायोनिस्ट शासन और अमेरिका का समर्थन करने वाले चार अहम राजनीतिक लोगों' पर आरोप तय किए गए हैं, हालांकि इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई.
तेहरान प्रशासन ने प्रदर्शन से जुड़ी हिंसा के लिए 'दंगाइयों और सशस्त्र आतंकियों' को जिम्मेदार ठहराया है और दावा किया है कि उन्हें उसके प्रमुख दुश्मनों इजरायल और अमेरिका का समर्थन हासिल था.
सरकार के खिलाफ बयान देता रहा है फ्रंट
रिफॉर्म फ्रंट के पिछले बयान सरकार के प्रति काफी आलोचनात्मक रहे हैं. इजरायल के खिलाफ 12 दिन चले युद्ध के बाद, फ्रंट के सदस्यों ने चेतावनी दी थी कि अगर बुनियादी सुधार नहीं किए गए तो देश को 'धीरे-धीरे पतन' का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, वकील केरमानी ने कहा कि हालिया गिरफ्तारियों का उस बयान के बाद रिफॉर्म फ्रंट के खिलाफ शुरू किए गए किसी न्यायिक मामले से कोई संबंध नहीं है.