scorecardresearch
 

'3 दिन में सरेंडर करो नहीं तो...', ईरान ने प्रदर्शनकारियों को दिया अल्टीमेटम

ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए प्रदर्शन अब शांत पड़ गए हैं. ईरान के पुलिस प्रमुख ने 'दंगाइयों' को तीन दिन में आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम दिया है. सरकार ने आर्थिक समस्याओं के समाधान का वादा किया है, लेकिन मानवाधिकार समूहों ने प्रदर्शनकारियों की मौतों की संख्या बढ़ने की चेतावनी दी है.

Advertisement
X
ईरान में प्रदर्शनकारियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया है (Photo: AFP)
ईरान में प्रदर्शनकारियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया है (Photo: AFP)

बीते साल दिसंबर के अंत में शुरू हुए प्रदर्शनों ने ईरान को हिलाकर रख दिया था. अब ये प्रदर्शन लगभग शांत हो गए हैं और खामेनेई शासन ने 'दंगाइयों' पर कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने सोमवार को उन प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम जारी किया, जिन्हें अधिकारी 'दंगाई' बता रहे हैं. शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनकारियों को तीन दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, ईरान की सरकार ने उन आर्थिक कठिनाइयों से निपटने का भी वादा किया है, जिनकी वजह से ये प्रदर्शन भड़के. मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए की गई कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए हैं.

ईरान के हालिया प्रदर्शन हाल के सालों में ईरानी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं. बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा में भारी गिरावट की वजह से शुरू हुए प्रदर्शन जल्द ही खामेनेई शासन को हटाने की मांग पर अड़ गए.

ईरान ने प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए इंटरनेट बैन कर दिया और अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल्स पर भी पाबंदी लगा दी. इस वजह से प्रदर्शनों और हिंसा की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है. हालांकि, ईरानी अधिकारी कह रहे हैं कि देशभर में धीरे-धीरे इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाएंगी.

Advertisement

ईरान के पुलिस प्रमुख का प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम

इधर, ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान ने सोमवार को कहा कि कुछ युवा भ्रमित होकर दंगों में शामिल हुए. उन्होंने उन युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण कर दें, ताकि उन्हें कम सजा मिल सके.

उन्होंने ईरान की सरकारी टीवी से कहा, 'जो लोग अनजाने में दंगों में शामिल हो गए, उन्हें दुश्मन सैनिक नहीं बल्कि भ्रमित व्यक्ति माना जाएगा और उनके साथ नरमी बरती जाएगी.'

अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण थे, लेकिन बाद में अराजकता में बदल गए. उनका दावा है कि ईरान को अस्थिर करने के लिए उसके कट्टर विरोधियों अमेरिका और इजरायल ने इसमें भूमिका निभाई.

सरकारी टीवी पर जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, देश की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने सोमवार को 'जीविका और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात काम करने' का संकल्प लिया.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोहसिनी एजई के बयान में कहा गया कि आतंकी घटनाओं के भड़काने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी.

ईरान में मौत की सजा बढ़ने को लेकर चिंता

इस बीच, यह चिंता भी बढ़ गई है कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मौत की सजा का इस्तेमाल कर सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को चेतावनी दी कि ईरान फांसी को धमकी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

Advertisement

मानवाधिकार समूहों के अनुसार, चीन के बाद दुनिया में सबसे अधिक फांसी देने वाला देश ईरान है. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने एक बयान में कहा कि पिछले साल ईरान में कथित तौर पर 1,500 लोगों को फांसी दी गई.

ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में अब तक करीब 3,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि मानवाधिकार समूहों का कहना है कि यह संख्या 20,000 तक हो सकती है.

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने शनिवार को कहा था कि अधिकारियों को 'उपद्रवियों की कमर तोड़ देनी चाहिए.'

ईरान में पिछले 11 दिनों से इंटरनेट बंद है इस वजह से दुनिया के सामने ईरान की सही तस्वीर नहीं आ पा रही है.  ईरान ह्यूमन राइट्स नामक एनजीओ का कहना है कि सुरक्षाबलों ने उससे 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि की है, और चेतावनी दी है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement