ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. प्रदर्शन अब 11वें दिन में पहुंच चुका है और हालात दिन-ब-दिन ज्यादा हिंसक होते दिख रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के बेटे और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है. उन्होंने साफ किया है कि वह ईरान लौटकर तानाशाही से मुक्ति की राष्ट्रीय प्रक्रिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए कहा कि समय करीब आ चुका है.
प्रदर्शन अब सिर्फ कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के कई हिस्सों में फैल चुके हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए रेजा पहलवी ने कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी खुद को ईरानी जनता की सेवा के लिए तैयार किया है और जैसे ही परिस्थितियां इजाजत देंगी, वह देश लौटकर आंदोलन के निर्णायक चरण में जनता के साथ खड़े होंगे. उनका कहना है कि यह वक्त ईरान के भविष्य को तय करने वाला है.
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रेजा पहलवी ने ईरान की सेना और सुरक्षाबलों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "यह ईरान के सशस्त्र और सुरक्षा बलों के लिए सीधा संदेश है. आपने वर्दी देश और जनता की रक्षा के लिए पहनी है और आज आप एक ऐतिहासिक फैसले के सामने खड़े हैं." उन्होंने कहा कि मामला अब इस बात का नहीं रह गया है कि भ्रष्ट और दमनकारी इस्लामिक रिपब्लिक गिरेगी या नहीं, बल्कि सवाल सिर्फ इतना है कि उसका पतन कब होगा. और मौजूदा हालात को देखते हुए यह समय पहले से कहीं ज्यादा करीब आ चुका है.
शाह के बेटे रेजा पहलवी कहां हैं?
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी फिलहाल अमेरिका के वॉशिंगटन में रहते हैं. वह पिछले कई दशकों से मैरीलैंड और नॉर्दर्न वर्जीनिया में रह चुके हैं. ईरान में प्रदर्शनों के बीच वह सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव हैं, और लगातार टिप्पणियां कर रहे हैं.
बीते दिन रेजा पहलवी ने पहली बार ईरान में एक साथ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने नागरिकों से तालमेल के साथ नारे लगाने और प्रदर्शन करने को कहा. इसके जरिए वह आयतुल्ला अली खामेनेई की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को गिराने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
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शाह के पक्ष में लग रहे नारे
हाल के दिनों में वह विपक्ष के नेता के तौर पर सक्रिय हो गए हैं. फरवरी 2025 में विभिन्न विपक्षी गुटों ने रेजा पहलवी को ईरान की ट्रांजिशनल गवर्नमेंट का नेता चुना था. वह ईरान में लोकतंत्र बहाल करने की वकालत करते रहे हैं. हालिया प्रदर्शनों के बीच शाह के पक्ष में और शाह शासन की वापसी के नारे भी लगे हैं. अब आने वाले समय में देखना होगा कि प्रदर्शन क्या रुख लेता है और रेजा पहलवी कब ईरान लौटते हैं.