इजरायल और हमास के बीच 17 दिन से जंग चल रही है. इस बीच, अब हमास के लड़ाके थोड़ी नरमी बरतते दिखाई देने लगे हैं. हमास के लड़ाकों ने सोमवार शाम दो और बंधकों को रिहा किया है. ये दोनों बंधक इजरायल के हैं और दोनों बुजुर्ग महिलाएं हैं. हमास ने दोनों की रिहाई के पीछे मानवीय कारण बताया. हमास का कहना है कि दोनों महिलाओं के खराब स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर रिहाई का निर्णय लिया है. वहीं, इजरायल ने रिहाई के लिए मिस्र और रेड क्रॉस संगठन को धन्यवाद दिया है.
बता दें कि इससे पहले हमास ने गाजा में बंधक बनाकर रखी गईं अमेरिकी की महिला जूडिथ और उसकी बेटी नताली रानान को रिहा किया था. इन दोनों को भी मिस्र के साथ राफा क्रॉसिंग के जरिए रिहा किया था. हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर अचानक हमला बोला था. वहां बर्बरता की और बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे. इन बंधक बनाए लोगों में इजरायल समेत अन्य देशों के नागरिक भी हैं. इजरायल का कहना है कि अभी भी हमास के कब्जे में करीब 220 नागरिक हैं.
'गाजा से मिस्र लाए और रिहा किया'
सोमवार शाम जिन दो बुजुर्ग महिलाओं की रिहाई हुई, उनमें 79 वर्षीय नुरिट कूपर और 85 वर्षीय योचेवेद लिफशिट्ज का नाम शामिल था. इन महिलाओं के पति अभी भी हमास के कब्जे में हैं. उनके नाम 84 वर्षीय अमीरम कूपर और 83 वर्षीय ओडेड लाइफशिट्ज हैं. फिलहाल, दोनों महिलाओं को देर रात गाजा से मिस्र लाकर रिहा किया गया है. बाद में दोनों को इजरायली सेना तक भेज दिया गया. बताते हैं कि दोनों महिलाओं को जांच के लिए एक इजरायली अस्पताल में ले जाया गया है.
'परिवार में खुशी का माहौल'
योचेवेद और ओडेड के पोते डैनियल लिफ्शिट्ज ने कहा, उनका परिवार बेहद उत्साहित है. घर में खुश का माहौल है. हम बहुत खुश हैं कि हमारी दादी वापस घर आ रही हैं. उन्होंने कहा, पूरा परिवार उनका इंतजार कर रहा है. हम भी सभी बंधकों की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं. अपने दादा की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर डैनियल ने कहा, हमें किसी और चीज के बारे में कोई खबर नहीं है.
'परिवार बोला- गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं दोनों'
लिफ्शिट्ज की बेटी शेरोन ने कहा, हमारी मां सोते समय ऑक्सीजन का उपयोग करती हैं. पीठ में गंभीर दर्द से पीड़ित हैं. कूपर के बेटे रोटेम ने बताया, अगर हमारी दादी को दवाएं नहीं मिलेंगी तो वे जीवित नहीं रह पाएंगी. मिस्र के टीवी स्टेशन अल काहेरा न्यूज ने कहा, बंधकों को मिस्र के राफा क्रॉसिंग के माध्यम से रिहा कर दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि यह सफलता मिस्र के लंबे प्रयासों के बाद मिली है.
'गाजा के मरीजों का इलाज करवाता था कपल'
लिफ्शिट्ज दंपति किबुत्ज नीर ओज के संस्थापकों में से हैं और पीस एक्टिविस्ट के तौर पर पहचाने जाते हैं. वे नियमित रूप से गाजा से मरीजों को इलाज के लिए इजरायलभर के अस्पतालों में लाते थे.
'अस्पताल पहुंच गए परिजन'
रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय कमेटी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमने बंधकों की रिहाई में मदद की है. उन्हें आज शाम गाजा से बाहर ले जाया जा रहा है. देर रात प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि दोनों महिलाओं को रिहा कर दिया गया है और उन्हें इजरायली बलों को सौंप दिया गया है. महिलाओं को अस्पताल भेजा गया. वहां उनके परिवार के सदस्य पहले से इंतजार कर रहे थे. सरकार ने लिफ़शिट्ज और कूपर को मुक्त कराने और उनको वापस इजरायल भेजने में मदद करने के लिए मिस्र और रेड क्रॉस दोनों को धन्यवाद दिया है.
'हमास ने कतर और इजिप्ट को दिया क्रेडिट'
हमास की सैन्य शाखा इज्ज अद-दीन अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबेदा ने कहा, हमारे समूह ने मिस्र और कतर की मध्यस्थता के बाद मानवीय कारणों से दो इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया है. इससे पहले शनिवार को अबू ओबैदा ने दावा किया था कि हमास उन्हीं दोनों बंधकों को रिहा करना चाहता है, लेकिन इजराइल ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. इस दावे के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि वो हमास के झूठे प्रचार पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा.
हमास और इजरायल युद्ध के मैदान में
मिस्र के टीवी पर प्रसारित वीडियो फुटेज में दो महिलाओं को मेडिकल जांच के लिए एम्बुलेंस के पास ले जाते हुए दिखाया गया है. बता दें कि हमास के हमले के बाद इजरायल सरकार ने युद्ध की घोषणा की थी और हमास के खात्मे की कसम खाई है. इजरायल ने वादा किया है कि वो सभी लापता लोगों का पता लगाएगा और बंधकों को जल्द और सुरक्षित घर वापस लाएगा. इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
इस बीच, इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम के बारे में पूछे जाने पर सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का बयान आया. उन्होंने कहा, फिलिस्तीनी समूह द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को पहले रिहा किया जाना चाहिए. बाइडेन ने कहा, हमें उन बंधकों को रिहा करना चाहिए और फिर हम बात कर सकते हैं. इजरायल ने सोमवार को गाजा पर अपने हवाई हमले बढ़ा दिए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में बमबारी में 436 लोग मारे गए हैं.