इजरायल लगातार लेबनान पर हमला कर रहा है. हिजबुल्लाह नेता नसरल्लाह की मौत के बाद इजरायल ने अब जमीनी हमले भी तेज कर दिए हैं. बुधवार तड़के भी इजरायल ने लेबनान के बेरूत इलाके में 8 घंटे में करीब 5 धमाके किए. लोगों में डर का माहौल है. आजतक के संवाददाता अशरफ वानी इन धमाकों के बीच सड़क पर निकले और वहां का हाल जाना...
सड़कों पर सिर्फ सन्नाटा...
बेरूत की सड़कों पर अजीब सा डर का माहौल है. इक्का-दुक्का हिजबुल्लाह लड़ाकों के अलावा और कोई नहीं दिख रहा है. लोग घरों में कैद हैं. इजरायल यहां लगातार हमले कर रहा है. लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया कि इजरायल के एयरस्ट्राइक में मंगलवार को 55 लोगों की जान चली गई है. उधर, हजारों की संख्या में लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं.
उधर, ईरान ने इजरायल पर मंगलवार देर रात हमला बोला.इजरायली अधिकारियों के अनुसार हमले में लगभग 181 मिसाइलें लॉन्च की गईं. इजरायली रक्षा बलों ने कहा कि उन्होंने उनमें से "बड़ी संख्या" को रोक दिया. हालांकि वेस्ट बैंक में एक फ़िलिस्तीनी की मौत हो गई और 2 इज़रायली घायल हो गए, क्योंकि छर्रे और मलबा गिरने से इलाके में नुकसान हुआ और आग लग गई.

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वहीं, ईरान के मिसाइल अटैक के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने मिसाइल दागकर बहुत बड़ी गलती की है. यरूशलेम में सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी. नेतन्याहू ने कहा कि शाम को इजरायल पर हमला "विफल" रहा. उन्होंने अमेरिका को उसके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली जो दुनिया में सबसे उन्नत है, उसकी बदौलत हमने ईरानी हमले को विफल कर दिया है.

अमेरिका और अन्य मित्र देशों ने क्या किया?
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल में मौजूद अमेरिकी सेनाओं को यहूदी राष्ट्र की रक्षा के तुरंत आदेश दिए, जिसके बाद अमेरिकी सेनाओं ने कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. पेंटागन प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी नेवी विध्वंसकों ने इजरायल की ओर दागी गई कई मिसाइलों को मार गिराया.
रिपोर्ट्स के मुऔताबिक, ईरान ने इस साल अप्रैल महीने में भी इजरायल पर मिसाइलें दागी थीं. अप्रैल में ईरान ने इजरायल पर 100 बैलिस्टिक और 30 क्रूज मिसाइलें दागी थी. लेकिन इस बार ईरान ने इजरायल पर जो हमला किया है, वह पिछले हमले से ज्यादा जोरदार था.