scorecardresearch
 

ग्रीस नाव हादसाः अब तक 290 से ज्यादा पाकिस्तानियों की मौत, पीड़ितों ने कहा- जानबूझकर डुबाया गया

बीते बुधवार को ग्रीस में हुए एक दर्दनाक नाव हादसे में 290 से ज्यादा पाकिस्तानियों की जान चली गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाव में 400 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक सवार थे. इसमें सिर्फ 12 पाकिस्तानी ही बच पाए हैं. नाव पर सवार प्रवासियों में से 500 से ज्यादा अभी भी लापता हैं. नाव हादसे में बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने ग्रीस कॉस्टगार्ड पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

Advertisement
X
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- रॉयटर्स)
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- रॉयटर्स)

बीते बुधवार को ग्रीस में हुए नाव हादसे को लेकर हर एक दिन चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है. दो दिन पहले ब्रिटिश डेली न्यूजपेपर 'द गार्जियन' की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि नाव हादसे के बारे में जो जानकारियां सामने आ रही हैं, उससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या ग्रीस कोस्टगार्ड इस हादसे में अपनी भूमिका को छुपाने की कोशिश कर रहा है?

वहीं, पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट Geo News की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नाव हादसे में बचे प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव को जानबूझकर डूबने दिया गया. ग्रीस के तट पर हुए इस नाव हादसे के लिए पाकिस्तानियों ने ग्रीस के कोस्टगार्ड को दोषी ठहराया है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह जहाज सैकड़ों लोगों को लेकर जा रहा था और इसे जानबूझकर डुबाया गया. पीड़ितों का कहना है कि ग्रीस कोस्टगार्ड के पास बचाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद थे. लेकिन उन्होंने मदद नहीं की.

दो दिन पहले 'द गार्जियन' के रिपोर्ट में कहा गया था कि नाव हादसे में बचे प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पाकिस्तान के सैकड़ों नागरिकों को जबरन जहाज के सबसे खतरनाक हिस्से में से एक निचली डेक में बैठने पर मजबूर किया गया था. 

जानबूझकर नाव को डुबाया गया: प्रत्यक्षदर्शी

Advertisement

Geo News ने आगे लिखा है कि हादसे में बचे प्रत्यक्षदर्शियों की कहानी ग्रीस के अधिकारियों के अमानवीय रवैये को उजागर करता है, जिसके कारण यह भयानक त्रासदी हुई. ग्रीस में हुए इस हादसे के बारे में अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चला है कि डूबने वाली नाव पर कितने लोग सवार थे.

एक अनुमान के मुताबिक कहा जा रहा है कि इस नाव पर 700 से अधिक लोग सवार थे. इसमें 400 से ज्यादा पाकिस्तानी थे. पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 298 पाकिस्तानियों की मौत हुई है. 

हादसे में बचे दो प्रत्यक्षदर्शियों में से एक ने Geo news से बात करते हुए कहा, "उन्होंने (ग्रीस के कोस्टगार्ड) यह (नाव डुबाने का काम) एक उद्देश्य के तहत किया है. उन्होंने इसे डूबने दिया. वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हम पांच दिन तक नहीं डूबे... तो अचानक क्यों डूबे? उन्होंने कहा कि जहाज का इंजन खराब हो गया था, उसके बावजूद हमलोग लगभग एक सप्ताह सुरक्षित थे. 

हादसे में बचे एक पाकिस्तानी ने कहा, "छठी रात मैंने समय चेक किया. उस वक्त रात के 2:15 बज रहे थे. लगभग 10 मिनट बाद नाव डूब गई. वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यह नाव डूब गई क्योंकि उन्होंने एक माउंड रस्सी को नाव में फेंक दिया था. 

Advertisement

हादसे में बचे पीड़ितों में से एक ने आरोप लगाया कि जिस जगह नाव डूबी, उस स्थान पर दो स्पीड बोट, एक कार्गो बोट और एक रिसीविंग जहाज था. इसके बावजूद उन्होंने मदद नहीं की. 

जानबूझकर खतरनाक एरिया में बैठायाः प्रत्यक्षदर्शी

गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पाकिस्तानियों को निचली डेक में बैठने के लिए मजबूर किया गया. वहीं, अन्य देश के नागरिकों को ऊपरी डेक में बैठने की अनुमति दी गई थी. ऊपरी डेक में बैठने वाले लोगों के नाव डूबने के बाद बचने की संभावना अधिक थी. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जीवित बचे 78 लोगों में से केवल 12 ही पाकिस्तानी हैं. 

 

Advertisement
Advertisement