अमेरिका में एक पूर्व एयरफोर्स अधिकारी को गिरफ्तार किया गया, जिन पर चीनी सैन्य पायलटों को बिना अनुमति के रक्षा सेवाएं देने और साजिश रचने का आरोप है. अधिकारी की पहचान जेराल्ड एडी ब्राउन जूनियर के तौर पर हुई है. उन्हें 'रनर' के नाम से भी जाना जाता है. यह मामला आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट के उल्लंघन से जुड़ा है.
शिकायत के अनुसार, अगस्त 2023 से ब्राउन ने विदेशी नागरिकों और कुछ अमेरिकी व्यक्तियों के साथ मिलकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (पीएलए एयर फोर्स) के पायलटों को कॉम्बैट विमान ट्रेनिंग देने की योजना बनाई.
यह ट्रेनिंग इंटरनेशनल ट्रैफिक इन आर्म्स रेगुलेशंस (ITAR) के तहत रक्षा सेवाओं की कैटेगरी में आता है और इसके लिए यूएस सरकार से खास लाइसेंस लेना जरूरी होता है, जो ब्राउन के पास नहीं था.
ब्राउन ने अमेरिकी एयर फोर्स में 24 सालों से अधिक सेवा दी और 1996 में मेजर के पद से रिटायर्ड हुए. उन्होंने एफ-4 फैंटम II, एफ-15 ईगल, एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और ए-10 थंडरबोल्ट II जैसे कई युद्धक विमान चलाए और उनमें ट्रेनड भी किया. रिटायरमेंट के बाद वे एक कॉन्ट्रैक्ट सिमुलेटर इंस्ट्रक्टर के रूप में काम करते रहे.
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माना जा रहा है कि दिसंबर 2023 में ब्राउन चीन गए और वहां पीआरसी सैन्य पायलटों को ट्रेनिंग दिया. फरवरी 2026 में वे अमेरिका लौटे. उनकी पहली कोर्ट पेशी 26 फरवरी को साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ इंडियाना में मजिस्ट्रेट जज के सामने होगी. मामले की जांच फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) और एयर फोर्स ऑफिस ऑफ स्पेशल इन्वेस्टिगेशंस संयुक्त रूप से कर रही है.