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'अमेरिका पर लगाएंगे 93 बिलियन यूरो का टैरिफ' ट्रंप के ग्रीनलैंड टैरिफ के जवाब में यूरोपीय संघ का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी के बीच यूरोपीय देशों के राजदूतों की ब्रूसेल्स में आपात बैठक हुई. यूरोपीय देशों ने इसे ब्लैकमेल करने जैसा बताते हुए कहा है कि हम अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय बाजार से बाहर करने पर विचार कर रहे हैं.

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ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की दी है धमकी (Photo: ITG)
ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की दी है धमकी (Photo: ITG)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ग्रीनलैंड पर हक जताते रहे हैं. डेनमार्क के इस स्वायत्तशासी क्षेत्र को लेकर ट्रंप यह स्पष्ट कहते आए हैं कि हम उस पर मालिकाना हक से कम पर राजी नहीं होंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर दो टूक कह दिया है कि अगर ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो हम 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और ब्रिटेन से आने वाले सामान पर अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे.

ट्रंप ने इन यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर एक फरवरी से 10% टैरिफ लगाने की बात कही है, जिसे 1 जून से बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा. ट्रंप के इस ऐलान के बाद यूरोपीय संघ भी एक्टिव मोड में आ गया है. ट्रंप की ताजा टैरिफ धमकी को लेकर यूरोपीय संघ के राजदूतों की रविवार को बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में आपात बैठक हुई. इस बैठक में जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने ट्रंप की धमकियों की निंदा की और कहा कि यह ब्लैकमेल करने जैसा है.

फ्रांस ने ट्रंप की टैरिफ धमकी के जवाब में ऐसे कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है, जो अभी तक आजमाए नहीं गए हैं. फाइनेंसियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देश अमेरिका पर 93 अरब यूरो (करीब 107.71 अरब डॉलर) तक के टैरिफ लगाने या फिर अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय बाजार से बाहर करने जैसे कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इसी हफ्ते स्विट्जरलैंड के डावोस में होने जा रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ट्रंप पर दबाव बनाने के लिए यूरोपीय देश इन कदमों पर विचार कर रहे हैं.

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वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यूरोपीय संघ के एक राजदूत ने कहा है कि ट्रंप टैरिफ के जवाब में ये टैरिफ 6 फरवरी से लागू हो जाएंगे. इस मुद्दे पर 22 जनवरी को संघ का शिखर सम्मेलन बुलाने पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि, एक अन्य राजनयिक ने कहा है कि ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठाने का हमारा कोई इरादा नहीं है. हम कूटनीतिक रास्ते तलाश रहे हैं. एक फरवरी को अगर ट्रंप टैरिफ लागू कर देते हैं, तब जवाबी टैरिफ पर विचार करने की सहमति बनी है.

यह भी पढ़ें: ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क में बढ़ रहा गुस्सा, कई शहरों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन, US एम्बेसी तक मार्च

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की मुहिम का विरोध कर रहे यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी दी है. ट्रंप के निशाने पर जो आठ अमेरिकी देश हैं, उनमें डेनमार्क के साथ ही स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, फिनलैंड, ब्रिटेन और नॉर्वे भी शामिल हैं. इन देशों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क में बढ़ते तनाव के बीच विशाल आर्कटिक क्षेत्र में अपने सैनिकों की तैनाती भी कर दी है.

यह भी पढ़ें: क्या अमेरिका के बिना नहीं चल पाएगा यूरोप... ग्रीनलैंड पर ट्रंप टैरिफ के बाद अब क्या होगा?

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तनाव पर कनाडा ने जताई चिंता

ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोहा में कहा है कि कनाडा हमेशा क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में रहा है. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य ग्रीनलैंड और डेनमार्क को ही तय करना चाहिए. कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर स्थिति है और हम चिंतित हैं. 

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