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आसमान से बरस रही मिसाइलें, फिर भी गुलजार हैं बाजार... दुबई से 'आजतक' की Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट

आसमान से बरसती मिसाइलों के बीच दुबई के बाजारों में रमजान की रौनक कम क्यों नहीं हुई? 'आजतक' की इस Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए, कैसे ईरानी हमलों के मलबे और 112 घायलों की खबर के बावजूद भारतीय व्यापारी और प्रवासी पूरी तरह बेखौफ हैं.

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हमलों के बीच गुलजार रहा दुबई का दीरा बाजार (Photo: ITG)
हमलों के बीच गुलजार रहा दुबई का दीरा बाजार (Photo: ITG)

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है. हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अब तक हिंसा के सबसे बड़े असर से काफी हद तक बचा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद युद्ध की आहट यहां भी साफ महसूस की जा सकती है. हालात को देखते हुए अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं और आम लोग भी क्षेत्र में पल-पल बदलते घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए हैं.

जब आजतक की टीम दुबई के डेरा इलाके की गलियों में दाखिल हुई, तो वहां का मंजर बहुत कुछ बयां कर रहा था. आसमान से बरसते बारूद के बीच यहां के माहौल में एक अजीब सी सतर्कता तो है, लेकिन खौफ का नामोनिशान नहीं. लोग सावधान जरूर हैं, पर उन्होंने डर को अपनी दिनचर्या पर हावी नहीं होने दिया है. रोजमर्रा की जिंदगी अपनी पूरी रफ्तार से दौड़ रही है.

भले ही कुछ सड़कों पर ट्रैफिक थोड़ा कम नजर आया, लेकिन डेरा के बाजारों की रौनक रत्ती भर भी कम नहीं हुई है. खासकर रमजान के इस पाक महीने में इफ्तार के बाद का नजारा तो देखते ही बनता है. बाजारों में वही पुरानी और जबरदस्त चहल-पहल लौट आती है, जो यह साफ बताती है कि दुबई की धड़कनें किसी भी धमकी से रुकने वाली नहीं हैं.

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भारतीय व्यापारियों ने भी जताया भरोसा

डेरा के इन व्यस्त इलाकों में बड़ी संख्या में अलग-अलग देशों से आए प्रवासी मजदूर और बड़े व्यापारी रहते हैं. हमने जब उनसे बात की, तो उन्होंने साफ कहा कि वे हालात को समझ रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई डर नहीं सता रहा. इलाके के रहने वाले महमूद ने आजतक से बात करते हुए कहा, 'देखिए, अगर कोई भी खतरा होता है तो सरकार हमें तुरंत बता देती है. हमें यहां के सिस्टम और अधिकारियों पर पूरा भरोसा है.'

वहीं, बरसों से यहां कारोबार कर रहे भारतीय मूल के व्यापारी मुकुल के हौसले भी बुलंद दिखे. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'हमें कोई डर नहीं लग रहा. सरकार ने यहां सुरक्षा के इतने तगड़े इंतजाम कर रखे हैं और हम खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.' कई व्यापारियों का मानना है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में पूरा प्रवासी समुदाय सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.

हवा में ही नाकाम हो रहे मिसाइल हमले

यूएई की वायु रक्षा प्रणाली इस वक्त पूरी तरह मुस्तैद है. शनिवार को देश को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया गया. हालांकि, एक दुखद घटना में हवाई हमले का मलबा एक वाहन पर गिर गया, जिससे उसके चालक की मौत हो गई. जंग शुरू होने के बाद से यूएई में अब तक चार विदेशी नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के लोग शामिल हैं.  वहीं 112 लोगों के मध्यम और मामूली रूप से घायल होने के मामले सामने आए हैं,  घायलों में अमीराती, मिस्री, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अजरबैजानी, यमनी, युगांडाई, एरिट्रियन, लेबनानी, अफगान, बहरीन, कोमोरियन और तुर्की नागरिक शामिल हैं.

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आज यानी 8 मार्च 2026 को भी हमलों का सिलसिला जारी रहा. यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने कुल 17 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया, जिनमें से 16 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक मिसाइल समुद्र में जा गिरी. इसके अलावा 117 ड्रोनों का भी पता लगाया गया, जिनमें से 113 को इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया गया, जबकि 4 ड्रोन देश की सीमा के भीतर गिरे.

ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई की शुरुआत से अब तक कुल 238 बैलिस्टिक मिसाइलों और 1,422 ड्रोनों का पता लगाया जा चुका है. इनमें से ज्यादातर को यूएई ने नाकाम कर दिया. इन हमलों में भारत समेत कई देशों के 112 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है.

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पूरे क्षेत्र में फैल रहा है संघर्ष

इस बीच मध्य पूर्व में संघर्ष और भी गहराता जा रहा है. इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हमले फिर से शुरू किए हैं और ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.  इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष के अगले चरण में कई चौंकाने वाले कदम उठाने की बात कही है. वहीं ईरान भी इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है. इस संघर्ष में अब तक ईरान में 1200 से ज्यादा और लेबनान में 290 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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रक्षा मंत्रालय हाई अलर्ट पर

तमाम तनाव के बीच यूएई का रक्षा मंत्रालय पूरी तरह हाई अलर्ट पर है. मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का मजबूती से जवाब दिया जाएगा. फिलहाल, दुबई के बाजार और सड़कें यही बता रही हैं कि जिंदगी पूरी सतर्कता के साथ, लेकिन बिना रुके चल रही है.

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