अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को स्विट्जरलैंड में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए हैं. वहां उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं को इस बात के लिए आश्वस्त करना होगा कि ‘‘अमेरिका फर्स्ट’’ के उनके एजेंडे का संकेत विश्व मंच से अलग होना नहीं है.
इस यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप विश्व के कई नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.
उन्होंने हवाईअड्डे पर रवाना होने से पहले ट्वीट कर कहा, ‘‘हम जल्द ही स्विट्जरलैंड के दावोस जाएंगे और दुनिया को बताएंगे कि अमेरिका कितना महान है और वह कैसा कर रहा है. हमारी अर्थव्यवस्था वृद्धि कर रही है तथा मैं इसे और बेहतर बनाना चाहता हूं. हमारा देश आखिरकार फिर से जीत रहा है.’’
Will soon be heading to Davos, Switzerland, to tell the world how great America is and is doing. Our economy is now booming and with all I am doing, will only get better...Our country is finally WINNING again!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump)
बता दें कि ट्रंप को शुक्रवार को विश्व की बड़ी आर्थिक शक्तियों की सालाना बैठक में भाषण है. ट्रंप की संरक्षणवादी ‘‘अमेरिका फर्स्ट’’ नीतियों के मद्देनजर उनके इस कदम से सभी हैरान हैं.
कूटनीति के मोर्चे पर ट्रंप का इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे से भी मुलाकात का कार्यक्रम है. यरुशलम को इस्राइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के कुछ सप्ताह बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात होने वाली है. जबकि ट्रंप और टेरीजा मे के यह बीच बैठक अमेरिका-ब्रिटेन के संबंधों असामान्य तनाव की पृष्ठभूमि में हो रही है.
पीएम मोदी ने रखा एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य
बता दें कि पीएम मोदी ने ‘विश्व आर्थिक मंच’ को मंगलवार को संबोधित करते हुए भारतीयों और भारतीय कारोबार जगत के सामने एक तरह का लक्ष्य रख दिया कि 2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाना है. यह एक काफी महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, क्योंकि अगले आठ साल में ही अर्थव्यवस्था को दोगुना करना कम चुनौती की बात नहीं है.