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'बेटे को डेनमार्क का दामाद बनाएं ट्रंप, दहेज में मिलेगा ग्रीनलैंड', सोशल मीडिया पर प्रिसेंज इजाबेला से बेटे की शादी की चर्चाएं

दहेज के रूप में बड़े भूभाग का मिलना, विवाह के जरिये दुश्मनी को पारिवारिक संबंधों में बदल लेना, ये बातें हमलोग भारत में तो सुनते थे लेकिन यूरोप और अमेरिका भी सदियों पुराने इस मानवीय व्यवहार से परे नहीं है. अभी जब ग्रीनलैंड का मुद्दा गरम है तो सोशल मीडिया पर एक चर्चा फिर चली है कि क्या ट्रंप को दहेज में ग्रीनलैंड चाहिए.

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डेनमार्क से दहेज में ग्रीनलैंड चाहते हैं ट्रंप. (Photo: ITG)
डेनमार्क से दहेज में ग्रीनलैंड चाहते हैं ट्रंप. (Photo: ITG)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान पर तरह-तरह अटकलें लगाई जा रही है. सबसे वायरल चर्चा इस बात की है कि डैडी ट्रंप को बेटे बैरन की शादी की दहेज में ग्रीनलैंड चाहिए. ये मजाकिया या हल्के किस्म का सोशल कंटेट नहीं है जिस पर सिर्फ तंज कसा जाए. अमेरिका और यूरोप में इस थ्योरी पर गंभीर चर्चा हो रही है.  

दरअसल वेनेजुएला का हश्र देखने के बाद कोई भी ट्रंप के प्लान को हलके में नहीं ले रहा है. ट्रंप ने हाल ही में एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि "हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रीनलैंड की जरूरत है, और डेनमार्क इसे संभाल नहीं पाएगा." न्यूयॉर्क टाइम्स के एक इंटरव्यू में उन्होंने ग्रीनलैंड को पूरी तरह से कब्जे में लेने की बात कही है. 

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करेंगे कैसे? ये बड़ा अहम सवाल है. लेकिन इतना तो तय है कि अमेरिका की सैन्य ताकत का मुकाबला करने की स्थिति में ग्रीनलैंड दूर दूर तक नहीं है. 

सोशल मीडिया, राजनीतिक और कूटनीतिक सर्किल में इस समय जिस बात की अहम चर्चा है वो यह है कि क्यों न ट्रंप और डेनमार्क के राजपरिवार के रिश्तों को वैवाहिक संबंधों में बदल दिया जाए और ग्रीनलैंड के मसले को सुलझा लिया जाए.

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दरअसल यहां डेनमार्क की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि वर्तमान में ग्रीनलैंड पर मालिकाना हक डेनमार्क के पास है. यह डेनमार्क साम्राज्य का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जहां ग्रीनलैंड को आंतरिक मामलों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था) में स्वशासन प्राप्त है, लेकिन विदेश नीति, रक्षा और मुद्रा जैसे मामलों में डेनमार्क का नियंत्रण है. इसलिए ग्रीनलैंड का कोई भी फैसला डेनमार्क ही ले सकता है.

प्रस्ताव क्या है

अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की चर्चाओं के बीच इस बात की चर्चा हो रही है कि क्यों न ट्रंप अपने छोटे बेटे बैरन ट्रंप की शादी डेनमार्क की राजकुमारी इजाबेल से कर दी जाए और दहेज में ग्रीनलैंड को ले लें.

मिस व्हाइट नाम के एक यूजर ने इस विचार को एक्स पर शेयर किया है. इस पोस्ट को 10 मिलियन लोग देख चुके हैं और लाखों लोग प्रतिक्रिया दे चुके हैं. 

मिस व्हाइट एक्स पर लिखा है, "आसान डिप्लोमैटिक समाधान यह है कि बैरन ट्रंप डेनमार्क की राजकुमारी इसाबेला से शादी कर लें और ग्रीनलैंड को दहेज के तौर पर अमेरिका को दे दिया जाए."

कुछ कमेंट करने वालों को यह सुझाव मजेदार लगा, उन्होंने मजाक किए और मीम्स शेयर किए, जबकि दूसरे लोग इस प्रस्तावित मिलन के सपोर्ट में थे. एक यूजर ने कहा, "ऑस्ट्रिया में हैब्सबर्ग राजशाही के पुराने अच्छे दिनों में हम इसी तरह से झगड़े सुलझाते थे."

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"यह असल में एक बहुत ही चालाक डील होगी," एक यूज़र ने लिखा. दूसरे यूज़र ने कहा, "अगर ज़िंदगी ब्रिजर्टन जितनी आसान होती, तो यह काम कर जाता."

किरदार कौन कौन हैं

बैरन ट्रंप 

इस मैरिज यूनियन पर सोशल चर्चाओं के बीच ये जान लें कि बैरन ट्रंप हैं कौन और करते क्या है? बैरन ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के इकलौते बेटे हैं. उनका जन्म 20 मार्च 2006 को न्यूयॉर्क में हुआ था. जनवरी 2026 में वे 19 साल के हैं और काफी लंबे कद हैं. 

वे आमतौर पर सार्वजनिक जीवन से दूर रहते हैं. मेलानिया उनकी प्राइवेसी की बहुत रक्षा करती हैं. वे न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, जहां बिजनेस या रियल एस्टेट से जुड़े कोर्स कर रहे हैं. 2024 के चुनाव में उन्होंने अपने पिता को युवा वोटर्स तक पहुंचने के लिए पॉडकास्ट और ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर्स से जुड़ने की सलाह दी, जिसे उनकी सफलता का एक कारण माना गया. फिलहाल वे व्हाइट हाउस या मार-ए-लागो में परिवार के साथ समय बिताते हैं. 

इजाबेला

बैरन ट्रंप की तरह डेनमार्क की राजकुमारी इजाबेला भी कमसिन उम्र की हैं, उनका जन्म 21 अप्रैल 2007 को हुआ था. जनवरी 2026 में उनकी उम्र 18 साल है. वे किंग फ्रेडरिक X और क्वीन मैरी की दूसरी संतान और सबसे बड़ी बेटी हैं. वह डेनिश सिंहासन की उत्तराधिकार में दूसरे नंबर पर आती हैं. इससे पहले उनके बड़े भाई क्राउन प्रिंस क्रिश्चियन हैं. 

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वर्तमान में वे कोपेनहेगन में फाइनल ईयर में पढ़ रही हैं और जून 2026 में ग्रेजुएट होने वाली हैं. 18वीं बर्थडे पर उन्हें टियारा गिफ्ट मिला. वे फैशन, स्पोर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स में रुचि रखती हैं, साथ ही आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं. 

बाधाएं क्या-क्या है?

जहां इस प्रस्ताव पर कई लोगों ने खुशी जाहिर की वही कुछ लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी. एक और यूज़र ने लिखा, "यह जियोपॉलिटिक्स नहीं है, यह तो पुराने जमाने की मनगढ़ंत कहानी है." "ग्रीनलैंड कोई मोलभाव करने की चीज़ नहीं है, डेनमार्क की प्रिंसेस इसाबेला कोई मोहरा नहीं है, और बैरन ट्रंप कोई डिप्लोमैटिक टूल नहीं हैं. देशों का लेन-देन शादियों के ज़रिए नहीं होता, यह 1400 का दशक नहीं है."

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की की ललचाई नजरों के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वे अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से मिलने की योजना बना रहे हैं.

ट्रंप की मंशा चाहे जो भी रहे लेकिन ग्रीनलैंड अपनी संप्रभुता को लेकर बेहद संवेदनशील है. 

इस बीच डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई डेनमार्क की जमीन पर हमला करता है, तो सैनिक तुरंत लड़ाई शुरू कर देंगे और अपने कमांडरों के आदेश का इंतजार किए बिना गोली चला देंगे. रक्षा मंत्रालय ने स्थानीय अखबार बर्लिंगस्के को बताया कि 1952 का निर्देश, जो कोल्ड वॉर के समय का है, साफ तौर पर कहता है कि अगर कोई विदेशी सेना डेनमार्क पर कब्जे के लिए आता है तो सैनिकों को आदेश का इंतजार किए बिना पहले गोली चलानी है.

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डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन इस बात से जरा भी खुश नहीं हैं अमेरिकी महात्वाकांक्षा ये सोचती है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए उपलब्ध है. 

फ्रेडरिकसेन ने कुछ ही दिन पहले कहा था, "दुर्भाग्य से मुझे लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को गंभीरता से लेना चाहिए जब वह कहते हैं कि वह ग्रीनलैंड चाहते हैं, ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता मैंने यह बहुत साफ कर दिया है कि डेनमार्क साम्राज्य का क्या रुख है, और ग्रीनलैंड ने बार-बार कहा है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता."

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका किसी दूसरे NATO देश पर हमला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा.

ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र है. राजकुमारी इसाबेला की ग्रीनलैंड पर कोई संवैधानिक भूमिका भी नहीं है. इसलिए बतौरदहेज ट्रांसफर का विचार कानूनी तौर पर बेकार है. 

ग्रीनलैंड द्वीप की आबादी लगभग 58,000 है और इसकी कोई स्वतंत्र सेना नहीं है. डेनमार्क इसकी रक्षा के लिए ज़िम्मेदार है, लेकिन इतने बड़े इलाके को कवर करने के लिए उसके पास सीमित संसाधन हैं.  ट्रंप के सहयोगियों द्वारा सुझाया गया एक और विकल्प ग्रीनलैंड को खरीदना है, यह विचार पहले राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने 1946 में उठाया था, लेकिन डेनमार्क ने बार-बार कहा है कि यह क्षेत्र बिक्री के लिए नहीं है. 
 

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