वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक हो गए हैं. वो डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की फिराक में हैं जिसके लिए वो सैन्य शक्ति का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ट्रंप के इस आक्रामक रुख के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन संसद में खिलखिलाकर हंस रही हैं. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि फ्रेडरिक्सन और डेनमार्क के सांसद ग्रीनलैंड हथियाने की ट्रंप की कोशिशों का मजाक उड़ा रहे हैं.
सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो शेयर कर एक यूजर ने लिखा है, 'ट्रंप ने कहा कि वो ग्रीनलैंड खरीदना चाहते हैं. यह सुनकर डेनमार्क की प्रधानमंत्री और संसद में मौजूद सांसद अपनी हंसी नहीं रोक पाए.'
लेकिन इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है जिसे सोशल मीडिया यूजर्स गलत संदर्भ में पेश कर रहे हैं. दरअसल यह एक पुराना वीडियो है, अक्टूबर 2019 का. वीडियो में प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन डेनमार्क की संसद की उद्घाटन बहस के दौरान हंस पड़ी और फिर अपनी हंसी पर देर तक कंट्रोल ही नहीं कर पाईं.
समाचार एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेडरिक्सन की हंसी का कारण कोई विदेशी मामला नहीं बल्कि एक घरेलू मामला था. फ्रेडरिक्सन अपनी सरकार के उस फैसले पर बात कर रही थी जिसमें सर्कस से जीवित जानवरों को खरीदा गया था. दरअसल, उनकी सरकार ने सर्कसों में जीवित जानवरों के रखने पर प्रतिबंध लगा दिया था. बैन के बाद सरकार सर्कसों से खुद जीवित जानवरों को खरीद रही थी.
वीडियो में फ्रेडरिक्सन यह समझा रही थीं कि सरकार को चार हाथियों के साथ-साथ एक ऊंट क्यों खरीदना पड़ा. फ़्रेडरिक्सन ने कहा, 'जब हमने यह डील शुरू की थी, तब हमें यह नहीं पता था...और यह हंसने की बात नहीं है कि चार हाथियों में से एक राम्बोलाइन का एक दोस्त भी है, उसका सबसे अच्छा दोस्त: एक ऊंट. उस ऊंट का नाम अली है. हमें बताया गया कि राम्बोलाइन और अली को अलग करना गलत होगा क्योंकि दोनों बड़े ही अच्छे दोस्त हैं.' इसके बाद वो हंसने लगीं.
उन्होंने आगे बताया कि सरकार ने अली को भी खरीद लिया, लेकिन बाद में पता चला कि ऊंट तो हाथी राम्बोलाइन का 'सबसे अच्छा दोस्त' नहीं था.
उन्होंने अपनी हंसी पर कंट्रोल करने की कोशिश करते हुए कहा, 'तो शायद हमें सबसे अच्छी डील नहीं मिली.' उन्होंने डेनमार्क की दक्षिणपंथी पार्टी न्यू राइट का जिक्र करते हुए आगे कहा, 'मुझे यह भी थोड़ी चिंता थी कि ऊंट का नाम अली होने की वजह से न्यू राइट पार्टी इस डील से बाहर हो जाएगी, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया, इसके लिए धन्यवाद.'
ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के ट्रंप के मंसूबे से डेनमार्क अच्छी तरह वाकिफ है और बार-बार ट्रंप की कोशिशों को खारिज करता रहा है. हाल ही में डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई डेनमार्क की जमीन पर हमला करता है तो उसके सैनिक तुरंत लड़ाई शुरू कर देंगे और अपने कमांडरों के आदेश का इंतजार किए बिना गोली चला देंगे.
ग्रीनलैंड के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति ट्रंप की द्वीप पर कंट्रोल की कोशिशों को बार-बार खारिज किया है. उनका कहना है कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोगों को ही तय करना चाहिए.
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन और द्वीप की चार अन्य पार्टी नेताओं ने शुक्रवार रात जारी एक संयुक्त बयान में कहा, 'हम न तो अमेरिकी बनना चाहते हैं, न ही डेनिश. हम ग्रीनलैंडवासी रहना चाहते हैं.'
ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर कहा कि वो नाटो सहयोगी डेनमार्क के अंतर्गत आने वाले अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए एक आसान डील करना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका इसका मालिक नहीं बना, तो रूस या चीन इसे अपने कब्जे में ले लेंगे, और अमेरिका नहीं चाहता कि इनमें से कोई भी देश उसका पड़ोसी बने.
व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह द्वीप को हासिल करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल सहित कई विकल्पों पर विचार कर रहा है.